Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस परेड में इस बार केंद्रीय गृह मंत्रालय की झांकी सबसे अलग नजर आएगी. इसमें देश की न्याय व्यवस्था में हुए ऐतिहासिक बदलाव को प्रदर्शित किया जाएगा. मंत्रालय ने बताया कि यह झांकी नागरिकों को तेज, तकनीक आधारित और पारदर्शी न्याय प्रणाली की झलक दिखाएगी.
तीन नए कानूनों पर फोकस
झांकी का मुख्य विषय तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम होंगे. ये कानून 2024 में लागू किए गए थे, जिनके जरिए ब्रिटिश काल के इंडियन पीनल कोड, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड और इंडियन एविडेंस एक्ट को पूरी तरह बदल दिया गया.
नए संसद भवन की झलक
झांकी में नए संसद भवन को प्रमुखता से दिखाया जाएगा. इसके ऊपर किताबों के रूप में तीनों नए कानून प्रदर्शित होंगे. यह संदेश दिया जाएगा कि भारत अब आधुनिक और नागरिक केंद्रित न्याय व्यवस्था की ओर बढ़ चुका है. इन किताबों को कई भाषाओं में दिखाया जाएगा ताकि हर नागरिक आसानी से नए कानूनों को समझ सके.
क्या है झांकी का मूल विचार?
इस झांकी का मूल विचार ‘सजा से न्याय की ओर बढ़ना’ है. यानी अब व्यवस्था केवल दंड देने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि न्याय को मानवीय और नागरिक हितों के अनुरूप बनाया जाएगा. यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
तकनीक आधारित प्रावधान
झांकी में नए कानूनों से जुड़े कई प्रावधान भी दिखाए जाएंगे. जैसे डिजिटल सबूत के लिए ई-साक्ष्य, नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम, अदालतों से डिजिटल साइन वाले समन भेजने की सुविधा और वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था. मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जो अपराध स्थल पर तेजी से पहुंचकर जांच को मजबूत बनाएगी.
ये भी पढ़ें-गुजरात के अमीरगढ़ में भीषण सड़क हादसा, छह की मौत और तीन घायल
महिला पुलिस और निगरानी व्यवस्था
झांकी में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और त्वरित कार्रवाई इकाइयों की झलक भी होगी. इसमें महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भूमिका को विशेष रूप से दिखाया जाएगा. साथ ही सामुदायिक सेवा को सुधारात्मक सजा के रूप में शामिल करना न्याय व्यवस्था की प्रगतिशील सोच को दर्शाएगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
