Ekadashi Kab Hai: माघ महीने की शुक्ल पक्ष वाली एकादशी, जिसे हम जया एकादशी के नाम से भी जानते हैं, इस बार अपने साथ थोड़ी उलझन लेकर आई है. सोशल मीडिया और पंचांग की अलग-अलग गणनाओं के बीच लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि आखिर व्रत आज (28 जनवरी) रखना है या कल (29 जनवरी).
अगर आप भी इसी उधेड़बुन में हैं, तो चलिए आपकी इस टेंशन को दूर करते हैं और बताते हैं कि शास्त्रों और उदया तिथि के अनुसार सही तारीख क्या है.
कब से शुरू हो रही है तिथि?
पंचांग की गणना को समझें तो माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 जनवरी को शाम 4:35 बजे से हो रही है. अब पेच यहीं फंसता है, क्योंकि यह तिथि अगले दिन यानी 29 जनवरी को दोपहर 1:55 बजे तक चलेगी.
हिंदू धर्म में ‘उदया तिथि’ यानी सूर्य उदय के समय जो तिथि हो, का बड़ा महत्व है. चूंकि 29 तारीख की सुबह सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए धार्मिक विद्वानों और अयोध्या के ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी को ही रखना श्रेष्ठ है.
क्यों खास है जया एकादशी?
एकादशी का व्रत केवल भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह भगवान विष्णु के प्रति समर्पण का दिन है. मान्यता है कि जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पिशाच योनी से मुक्ति मिलती है और उसके अनजाने में हुए पाप कट जाते हैं. यह व्रत आपकी मानसिक शांति और घर में समृद्धि लाने वाला माना गया है.
ये भी पढ़ें- आज का पंचांग: माघ शुक्ल दशमी और एकादशी तिथि, जानें आज के शुभ मुहूर्त
पूजा की सरल विधि और जरूरी सावधानियां
अगर आप पहली बार व्रत रख रहे हैं या इसकी विधि को लेकर कंफ्यूजन में हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें.
ब्रह्म मुहूर्त का स्नान: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें.
चौकी की स्थापना: घर के मंदिर में एक साफ चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें.
सात्विक भोग: श्रीहरि को पीले फल, फूल और तुलसी दल अर्पित करें. ध्यान रहे, बिना तुलसी के विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते.
पारण का समय: व्रत का संकल्प लेने के बाद अगले दिन यानी द्वादशी को शुभ मुहूर्त में ही व्रत खोलें.
इन गलतियों से बचें
चावल से दूरी: एकादशी के दिन घर में चावल बनाना और खाना, दोनों वर्जित माना गया है.
साफ-सफाई: मन और घर दोनों को शुद्ध रखें. इस दिन बाल या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता.
वाणी पर संयम: किसी की बुराई करने या झूठ बोलने से बचें, वरना व्रत का पुण्य फल नहीं मिलता.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
