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दिल्ली दंगा मामला: ताहिर हुसैन, सलीम मलिक और अथर खान को कड़कड़डूमा कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

दिल्ली 2020 दंगों के मामले में ताहिर हुसैन, सलीम मलिक और अथर खान की जमानत याचिका कड़कड़डूमा कोर्ट ने खारिज कर दी है.

दिल्ली 2020 दंगों से जुड़े मामले में ताहिर हुसैन, सलीम मलिक और अथर खान को कड़कड़डूमा कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने तीनों की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने यह आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन सहित अन्य की ओर से दायर जमनात पर विरोध किया है. तीनों आरोपियों ने इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट से 5 आरोपियों की मिली जमानत के आधार पर जमानत की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने उनकी इन दलीलों को खारिज कर दिया. तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए है. ताहिर हुसैन दिल्ली दंगों के आरोप में 4 साल 9 महीने से जेल में बंद है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद को छोड़कर गुलफिशा फातिमा सहित पांच आरोपियों को जमनात दे दिया था. उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद पर यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड होने का आरोप है.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जमानत बचाव पक्ष के मूल्यांकन का मंच नहीं है. न्यायिक संयम कर्तव्य का परित्याग नहीं है. उचित प्रयोग के लिए न्यायालय को एक व्यवस्थित जांच करनी होगी. क्या जांच से प्रथम दृष्टया अपराध सिद्ध होते हैं? क्या आरोपी की भूमिका का अपराध घटित करने से कोई उचित संबंध है? कोर्ट ने कहा था कि हाई कोर्ट ने जमानत की मांग को ठुकराया है. कोर्ट ने कहा  था इस प्रक्रिया से साजिश के अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर नहीं होता है. कोर्ट ने कहा  था उमर खालिद और शरजील इमाम अन्य आरोपियों की तुलना में गुणात्मक रूप से भिन्न स्थिति में हैं.

चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया था कि इस दंगे में 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. साथ ही जमकर हिंसा हुई थी. एएसजी एसवी राजू ने कोर्ट को यह भी बताया था कि हिंसा के दौरान पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया था, साथ ही जमकर पत्थरबाजी हुई थी. इतना ही नही तेजाब जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया गया था. पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया था.

दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा था कि 16 सितंबर की चार्जशीट पर 7 सितंबर 2020 को संज्ञान लिया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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