Anemia Treatment: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर थकान और कमजोरी को काम का तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीढ़ियां चढ़ते समय फूलती सांस, बार-बार आने वाले चक्कर और हर वक्त रहने वाली सुस्ती असल में आपके शरीर में खून की कमी का संकेत हो सकते हैं? मेडिकल की भाषा में इसे ‘एनीमिया’ कहते हैं, जो भारत में महिलाओं और बच्चों के बीच एक साइलेंट किलर की तरह फैल रहा है.
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने अब इस समस्या से निपटने के लिए कमर कस ली है. “एनीमिया को हराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं” के नारे के साथ देश भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. अच्छी बात यह है कि इस बीमारी को महंगी दवाओं से नहीं, बल्कि अपनी रसोई में मौजूद छोटी-छोटी चीजों से मात दी जा सकती है.
शरीर में क्यों कम हो जाता है खून?
हमारे खून में हीमोग्लोबिन नाम का एक तत्व होता है, जिसका काम पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाना है. इसे बनाने के लिए शरीर को ‘आयरन’ की जरूरत होती है. जब हम आयरन युक्त खाना कम खाते हैं, तो हीमोग्लोबिन गिर जाता है और शरीर पीला पड़ने लगता है.
अपनी थाली में शामिल करें ये ‘सुपरफूड्स’
खून की कमी को दूर करने के लिए आपको बहुत महंगे फल खरीदने की जरूरत नहीं है. आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों ही कुछ देसी चीजों को सबसे बेस्ट मानते हैं:
- पालक और हरी सब्जियां: मेथी, बथुआ और पालक आयरन का खजाना हैं. इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं.
- गुड़ और चना: पुराने जमाने में लोग गुड़-चना खाते थे, और यही उनकी ताकत का राज था. गुड़ में आयरन भरपूर होता है.
- अनार और चुकंदर: ये दोनों ही चीजें खून बनाने वाली मशीन की तरह काम करती हैं. चुकंदर का जूस या सलाद हीमोग्लोबिन को तेजी से बढ़ाता है.
- सूखे मेवे: खजूर, किशमिश और बादाम न सिर्फ एनर्जी देते हैं, बल्कि एनीमिया को भी दूर रखते हैं.
विटामिन-C का ‘सीक्रेट’ कनेक्शन
अक्सर लोग आयरन वाली चीजें तो खूब खाते हैं, लेकिन फिर भी उनका खून नहीं बढ़ता. इसकी वजह है विटामिन-C की कमी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप पालक खा रहे हैं, तो उसके साथ थोड़ा नींबू निचोड़ लें या संतरा खाएं. विटामिन-C शरीर को आयरन सोखने (Absorb) में मदद करता है. बिना इसके आयरन शरीर से सीधे बाहर निकल जाता है.
इन गलतियों से बचें
अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने के शौकीन हैं, तो सावधान हो जाइए. चाय-कॉफी में मौजूद तत्व भोजन के आयरन को शरीर में घुलने नहीं देते. इसके अलावा, साल में कम से कम दो बार अपना हीमोग्लोबिन टेस्ट जरूर करवाएं, खासकर गर्भवती महिलाएं और बढ़ती उम्र की लड़कियां.
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-भारत एक्सप्रेस
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