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क्या रद्द हो गई CBSE 12वीं की परिक्षा? बोर्ड ने जारी किया नोटिस, जानें क्या है वायरल हो रहे फर्जी लैटर का सच

सीबीएसई ने 12वीं इंग्लिश इलेक्टिव पेपर रद्द होने के वायरल नोटिस को फर्जी बताया है. बोर्ड ने छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर भरोसा करने की सलाह दी है.

CBSE Class 12 English Paper Fake Notice

AI जेनरेटेड इमेज

सोशल मीडिया के इस दौर में खबरें बहुत तेजी से हम तक पहुंचती हैं. इसी बीच ताजा मामला सीबीएसई (CBSE) की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ा है, जिसने पिछले कुछ घंटों में हजारों छात्रों और उनके माता-पिता की धड़कनें बढ़ा दी थीं. इंटरनेट और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर एक नोटिस तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि 12वीं का इंग्लिश इलेक्टिव का पेपर रद्द कर दिया गया है.

अगर आपने भी यह नोटिस देखा है और परेशान हैं, तो चैन की सांस लीजिए. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस मामले में दखल देते हुए साफ कर दिया है कि यह पूरी तरह से झूठ है. बोर्ड ने इस तथाकथित नोटिस को ‘फर्जी’ करार देते हुए छात्रों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है.

खाड़ी देशों के छात्रों में मची थी खलबली

यह पूरा विवाद मुख्य रूप से खाड़ी देशों (Middle East) में पढ़ रहे सीबीएसई के छात्रों के बीच शुरू हुआ. वायरल हो रहे इस फर्जी लेटर में दावा किया गया था कि तकनीकी खामियों या पेपर लीक की आशंका के चलते खाड़ी देशों में होने वाली ‘इंग्लिश इलेक्टिव’ की परीक्षा को टाल दिया गया है.

हैरानी की बात यह है कि इस जालसाजी को इतने शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था कि नोटिस में सीबीएसई (CBSE) के आधिकारिक लेटरहेड और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया, ताकि वह पहली नजर में असली दिखे. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है और छात्र ऐसे किसी भी दस्तावेज के झांसे में न आएं.

अपने तय समय पर ही होगी

बोर्ड ने अफवाहों पर विराम लगाते हुए पुख्ता जानकारी दी है कि परीक्षाओं के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है. परीक्षा पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी. सीबीएसई ने कड़े शब्दों में कहा है कि बोर्ड कभी भी सोशल मीडिया ग्रुप्स या व्यक्तिगत मैसेज के जरिए परीक्षा टालने की सूचना नहीं देता. किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में आधिकारिक वेबसाइट पर ‘पब्लिक नोटिस’ जारी किया जाता है.

बोर्ड का मानना है कि परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल में ऐसी फर्जी खबरें छात्रों की मानसिक स्थिति और उनकी परफॉर्मेंस पर बहुत बुरा असर डालती हैं. इसलिए, छात्र केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और किसी भी वायरल मैसेज को सच न मानें.

फेक न्यूज फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

सीबीएसई ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि फर्जी खबरें और पैनिक फैलाना एक दंडनीय अपराध है. बोर्ड ऐसे शरारती तत्वों की पहचान करने के लिए साइबर सेल और कानूनी विशेषज्ञों की मदद ले सकता है. अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी मैसेज को आगे फॉरवर्ड न करें, क्योंकि इससे अनजाने में वे भी इस अपराध का हिस्सा बन सकते हैं.

छात्र और पेरेंट्स कैसे रहें सावधान?

परीक्षा के इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन 3 बातों को अपनी आदत बना लें:

  • ऑफिशियल वेबसाइट ही है ‘सच’: किसी भी अपडेट, डेटशीट या बदलाव के लिए केवल और केवल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या cbse.nic.in पर ही भरोसा करें.
  • स्कूल से करें बात: अगर कोई नोटिस मिलता है जो आपको उलझन में डाल रहा है, तो तुरंत अपने स्कूल के प्रिंसिपल या क्लास टीचर को फोन करें. स्कूलों को बोर्ड की ओर से सीधे और सबसे पहले जानकारी मिलती है.
  • शेयर करने से पहले सोचें: कोई भी मैसेज व्हाट्सएप पर आए तो उसे ‘फॉरवर्ड’ करने के बजाय उसकी सच्चाई जांचें. अगर वह संदिग्ध लगे तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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