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यूजीसी-नेट पेपर लीक मामला: सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर राऊज एवेन्यु कोर्ट सख्त, दी भारी जुर्माने की चेतावनी

Rouse Avenue Court Hearing: यूजीसी-नेट 2024 पेपर लीक मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो जांच अधिकारी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

Rouse Avenue Court

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Edited by Shubhra Rai

Rouse Avenue Court Hearing: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने सीबीआई को 2024 यूजीसी-नीट पेपर लीक मामले में जांच बंद करने के लिए समय दे दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर अगली सुनवाई तक स्पष्टीकरण दाखिल नहीं किया गया, तो वह जांच अधिकारी पर भारी जुर्माना लगाएगी. राऊज एवेन्यु कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्युडिशयल मजिस्ट्रेट नीतू नगर ने सख्त चेतावनी देते हुए सीबीआई को समय दिया है. कोर्ट 30 मई को मामले में अगली सुनवाई करेगा.

उम्मीदवारों से पैसे एकत्र किए

पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने एजेंसी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा था, जिसमें पूछा गया था कि जनवरी 2025 में क्लोजर रिपोर्ट क्यों दाखिल की गई, जबकि सीबीआई के अपने निष्कर्षो में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि एक संदिग्ध ने लीक हुए प्रश्न पत्रों का लालच देकर उम्मीदवारों से पैसे एकत्र किए थे. यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में नीट यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर पहले से राजनीतिक और कानूनी विवाद जारी है.

सीबीआई को लिखित में जवाब देना होगा

इसी बीच यूजीसी नेट मामले में अदालत की टिप्पणी ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए है. दरअसल सीबीआई ने जनवरी 2025 में इस मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट यानी केस बंद करने की रिपोर्ट दाखिल की थी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पूछा था कि जब आपको अपनी जांच में यह सामने आया कि गड़बड़ी हुई थी, तो आपने केस को रफा-दफा कैसे कर दिया?

कोर्ट ने हैरानी जताते हुए पूछा था कि जब जांच अधिकारी खुद मान रहे हैं कि आरोपी ने पैसे बटोरे, तो फिर जांच बंद क्यों कि गई? अब इस पूरे मामले में सीबीआई को लिखित में जवाब देना होगा.

छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट

अदालत अब तय करेगी कि रिपोर्ट को स्वीकार करके मामले को बंद किया जाए या एजेंसी को आगे की जांच करने का निर्देश दिया जाए. अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पाया कि 18 जून 2024 की परीक्षा के लिए लीक प्रश्नपत्र का छेड़छाड़ किया हुआ स्क्रीनशॉट एक छात्र द्वारा कुछ पैसे कमाने के लिए प्रसारित किया जा रहा था.

उन्होंने कोर्ट को बताया कि परीक्षा के दिन, यूजीसी नेट की दूसरी पाली से पहले दोपहर में टेलीग्राफ चैनलों पर पेपर प्रसारित होते पाया गया, जिससे यह आभास हुआ कि यह लीक हो गया है और इसे प्रसारित करने वाले व्यक्ति ने हासिल किया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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