UP Digital Census 2026: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए आज से एक बेहद जरूरी प्रक्रिया शुरू हो रही है. अगर आपके दरवाजे पर कोई सरकारी कर्मचारी हाथ में मोबाइल या टैबलेट लिए दस्तक दे, तो चौंकिएगा मत. दरअसल, सूबे में आज यानी 22 मई से देश की पहली डिजिटल जनगणना (डिजिटल सेंसस) के पहले चरण का आगाज हो गया है. यह पूरा अभियान अगले 30 दिनों तक, यानी 20 जून तक चलेगा, जिसे तकनीकी भाषा में ‘हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ (HLO) नाम दिया गया है.
क्या आपका मौका छूट गया?
सरकार ने आम जनता को सहूलियत देते हुए खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया था. खुद से डेटा फीड करने की यह समय सीमा कल, यानी 21 मई को खत्म हो चुकी है. अब जिन लोगों ने किसी वजह से खुद ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है, उनके घर पर प्रगणक (काउंटिंग स्टाफ) खुद पहुंचेंगे.
आपके घर से जुड़े होंगे ये सवाल
इस बार की जनगणना पहले की तरह कागजों पर नहीं, बल्कि पूरी तरह डिजिटल होगी. जब कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो वे आपसे रहन-सहन और मकान से जुड़े कुल 33 बुनियादी सवाल पूछेंगे. इनमें मुख्य रूप से शामिल होगा कि:
आपका मकान पक्का है या कच्चा?
घर में पीने के पानी और बिजली की क्या व्यवस्था है?
शौचालय और एलपीजी गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं?
घर में कौन-कौन से वाहन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल होते हैं?
ध्यान रहे कि यह चरण सिर्फ आपके मकान की स्थिति और उसमें मौजूद सुविधाओं का डेटा जुटाने के लिए है. इस महाअभियान को सफल बनाने और सरकार की योजनाओं को आप तक सही तरीके से पहुंचाने के लिए जरूरी है कि आप आने वाले कर्मचारियों को बिल्कुल सही और सटीक जानकारी दें.
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-भारत एक्सप्रेस
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