पहाड़ से ऐसे उतरा मलबा कि घर और सड़कें बह गईं, 32 मकान अब भी खतरे में
Sikkim Landslide: रात का सन्नाटा था और लोग अपने घरों में सो रहे थे. तभी पहाड़ से अचानक मलबा और पानी इतनी तेजी से नीचे आया कि देखते ही देखते रिम्बी गांव में तबाही मच गई. सड़कें मलबे में दब गईं, कई घरों और सरकारी क्वार्टरों को भारी नुकसान पहुंचा. कुछ मकान पूरी तरह तबाह हो गए. गनीमत रही कि इस खौफनाक हादसे में अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है.
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद देर रात बड़ा भूस्खलन हुआ. युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया और उसके साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और पानी नीचे की ओर बह निकला. देखते ही देखते यह मलबा रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया.
अधिकारियों के मुताबिक भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम दो घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं. वहीं 32 अन्य घर और चार सरकारी क्वार्टर अभी भी खतरे में हैं. हालात को देखते हुए कई परिवारों को अपने घर खाली करने पड़े हैं.
सिक्किम के रिंबी गांव में भारी बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन
सिक्किम के पश्चिमी जिले के रिंबी गांव में लगातार बारिश के बाद देर रात बड़ा भूस्खलन हुआ. युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र में हुए भूस्खलन से कई घर, सरकारी क्वार्टर और दूसरी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा. इलाके में मलबा और… pic.twitter.com/KFoALpaNaT
— zingabad (@zingabad) September 25, 2026
खतरा लगातार बढ़ रहा
रिम्बी में बारिश की स्थिति कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युक्सोम-रिम्बी इलाके में पिछले 24 घंटे में 224.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा बारिश के दौर में सिक्किम में अब तक यह सबसे ज्यादा दर्ज की गई बारिश है.
भूस्खलन का खतरा संवेदनशील क्षेत्र के बाहर माने जाने वाले इलाकों तक भी पहुंच गई है. मित खोला के पास कई घरों तक कीचड़ से भरा बाढ़ का पानी पहुंच गया है. प्रशासन को आशंका है कि बारिश जारी रहने पर हालात और बिगड़ सकते हैं.
घर छोड़कर पंचायत भवन में पहुंचे परिवार
भूस्खलन के बाद कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. इनमें से ज्यादातर लोग फिलहाल रिम्बी पंचायत भवन में शरण लिए हुए हैं. कुछ परिवार सरकारी राहत शिविरों में चले गए हैं, जबकि कुछ अपने रिश्तेदारों के घर रह रहे हैं.
प्रशासन का कहना है कि मौसम थोड़ा सुधरते ही राहत टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचेंगी. इसके बाद क्षतिग्रस्त मकानों, संपत्ति और पशुधन का विस्तृत आकलन किया जाएगा.
सड़कें भी मलबे में दबीं
भूस्खलन ने इलाके की आवाजाही को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. युक्सोम-रिम्बी और रिम्बी-खेचेओपालरी सड़क मार्ग पर जगह-जगह मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिर गए हैं. इससे इलाके से संपर्क टूट गया.
शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक और मंत्री शेरिंग टी. भूटिया, राहत आयुक्त रिनजिंग चेवांग भूटिया, जिला कलेक्टर तेनजिंग डी. डेनजोंगपा समेत वरिष्ठ अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया. अधिकारियों ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया.
राहत आयुक्त ने कहा कि आपदा प्रबंधन के नियमों के तहत हर प्रभावित परिवार को तत्काल राहत दी जाएगी. उन्होंने बताया कि अस्थायी राहत व्यवस्था के साथ पूरी सुविधाओं वाले राहत शिविर भी सक्रिय कर दिए गए हैं.
सीएम प्रेम सिंह ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को भी स्थिति की जानकारी दी गई है. उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति चिंता जताते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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तमांग ने कहा कि हालात गंभीर हैं. सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने रिम्बी के लोगों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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