राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने आरसीए चुनाव के परिणामों की घोषणा पर फिलहाल रोक लगा दी है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने डी. डी. कुमावत और मेघा गौड़ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम निर्देश जारी किया है.
परिणाम सीलबंद लिफाफे में रहेंगे सुरक्षित
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी और राजस्थान सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) शिव मंगल शर्मा की दलीलों को विस्तार से सुना. पीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चुनाव परिणामों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाए. यह रोक तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि राजस्थान हाईकोर्ट इस विवाद से जुड़े कानूनी और प्रक्रियात्मक मुद्दों का अंतिम निपटारा नहीं कर देता.
कोर्ट ने माना गंभीर विषय
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं के पूर्ण अभाव और चुनाव संचालन से जुड़े ‘नियम 11’ के कथित उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लिया. याचिकाकर्ता की वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि आरसीए की मतदाता सूची में एक भी महिला मतदाता शामिल नहीं है और न ही कोई महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में है.
उन्होंने आरोप लगाया कि आरसीए के 2022 के नियमों के अनुच्छेद 17, एसोसिएशन के संविधान और संबंधित वैधानिक प्रावधानों की अनदेखी करके महिलाओं को चुनावी प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है. गुरुस्वामी ने कहा कि एक तरफ जब पूरे देश में महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में आरसीए जैसे प्रमुख खेल निकाय के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी न होना एक बेहद गंभीर चिंता का विषय है.
कानूनी ढांचे पर भी हाईकोर्ट करेगा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों को नियंत्रित करने के लिए राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन एक्ट लागू होगा या कोई अन्य वैधानिक ढांचा, इसका फैसला भी हाईकोर्ट द्वारा ही किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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