केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता श्री नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. 75 वर्ष की आयु में गोवा स्थित उनके निवास पर हृदय गति रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से उनका निधन हो गया. श्री अमित शाह ने इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिजनों और उनके लाखों प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
कला जगत के लिए अपूर्णीय क्षति
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने शोक संदेश में कहा कि नाना पाटेकर जी का जाना कला और सिनेमा जगत के लिए एक ऐसा घाटा है जिसकी भरपाई संभव नहीं है. लगभग पांच दशकों के अपने लंबे करियर में उन्होंने अपनी विशिष्ट अभिनय शैली और सशक्त संवाद अदायगी से हर वर्ग के दर्शकों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी.
‘हर किरदार में फूंक देते थे जान’
श्री अमित शाह ने दिवंगत अभिनेता की बहुमुखी प्रतिभा को याद करते हुए कहा कि वे अभिनय के हर रंग में माहिर थे. चाहे गंभीर सामाजिक विषयों से जुड़े पात्र हों या हास्य-व्यंग्य से भरपूर भूमिकाएं, उन्होंने जिस भी किरदार को चुना, उसे परदे पर पूरी जीवंतता के साथ जीकर दिखाया.
सामाजिक कार्यों और ‘नाम फाउंडेशन’ का स्मरण
केंद्रीय मंत्री ने केवल उनके अभिनय ही नहीं, बल्कि उनके सामाजिक सरोकारों की भी विशेष सराहना की. उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ख्याति के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे. ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए सूखे से प्रभावित किसान परिवारों की मदद करना हो या सीमा पर जाकर देश के जवानों का हौसला बढ़ाना, उनका सामाजिक योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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