Jharkhand Ambulance Workers Protest: झारखंड में जीवनरक्षक 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय उदासीनता के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. शुक्रवार को झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मुख्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. कर्मियों ने जुलाई 2026 से अटके बकाया वेतन के तत्काल भुगतान, नौकरी से हटाए गए साथियों की पुनर्बहाली और श्रम कानूनों के तहत वैधानिक सुविधाएं लागू करने की मांग उठाई.
वेतन में देरी और कटौती से गहराया आर्थिक संकट
कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि संचालन कंपनी ‘सम्मान फाउंडेशन’ और संबंधित विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण महीनों से वेतन भुगतान में देरी हो रही है. साथ ही मनमाने ढंग से वेतन कटौती किए जाने से एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन गंभीर आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं. संघ का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
सिविल सर्जन के अधीन संचालन और वैधानिक लाभ की मांग
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन निजी हाथों से हटाकर सरकारी स्तर पर जिला सिविल सर्जन के अधीन करना शामिल है, ताकि वेतन और प्रबंधन की सीधी जवाबदेही तय हो सके. इसके अलावा कर्मियों ने न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत मानदेय, ओवरटाइम का भुगतान, ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI) और ग्रेच्युटी जैसी सभी कानूनी सुविधाएं देने की मांग रखी है. कर्मचारियों ने यह भी मुद्दा उठाया कि खराब पड़ी एंबुलेंस गाड़ियों की समय पर मरम्मत कराई जाए, जिससे आपातकालीन मरीजों को लाने-ले जाने में कोई रुकावट न आए.
स्वास्थ्य मंत्री का आश्वासन बेअसर
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में 15 से 20 दिनों के भीतर सभी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था. निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद सरकार और विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे कर्मियों में गहरा आक्रोश है. संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर त्वरित अमल नहीं हुआ, तो 21 अक्टूबर 2026 से पूरे झारखंड में 108 एंबुलेंस का संचालन ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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