नेहा बोरा के बयानों पर घमासान (AI IMAGE)
Neha Bora Controversy: देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कई दिनों से Gen Z के नाम पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा एक प्रमुख चेहरे के तौर पर उभरी हैं. जंतर-मंतर से लेकर कनॉट प्लेस तक हुए प्रदर्शनों में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि, अब उमर खालिद और बांग्लादेश के छात्र आंदोलन को लेकर दिए गए उनके बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में नेहा बोरा की विचारधारा और उनके प्रेरणा स्रोतों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
उमर खालिद को लेकर क्या बोलीं नेहा बोरा?
दरअसल, 15 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक कार्यक्रम के दौरान नेहा बोरा ने उमर खालिद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें छह साल से ज्यादा समय से जेल में रखा गया है, लेकिन उन्होंने न्याय की लड़ाई नहीं छोड़ी.
नेहा बोरा ने कहा, ‘हम उस उमर खालिद को देखकर एक्टिविज्म को यहां पर सीखते हैं. ये JNU उस उमर खालिद का JNU है.’
उनके इसी बयान को लेकर ‘Shudracharya Rakesh kumar‘ नाम से एक फेसबुक पेज ने सवाल उठाया है. यूजर ने कहा कि आखिर नेहा बोरा का आदर्श और प्रेरणा स्रोत कौन है? यूजर ने उमर खालिद को लेकर उनके रुख पर सवाल खड़े किए. गौरतलब है कि उमर खालिद 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी कथित साजिश के मामले में आरोपी हैं.
बांग्लादेश के Gen Z आंदोलन से प्रेरणा लेने पर विवाद
नेहा बोरा का एक अन्य बयान भी विवादों में है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन की सराहना की थी. बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि भारत में दिखाई दे रहे Gen Z आंदोलन की शुरुआत बांग्लादेश से हुई थी. उन्होंने बांग्लादेश के युवाओं को रास्ता दिखाने के लिए बधाई भी दी.
इसी बयान को आधार बनाकर वायरल वीडियो में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा का मुद्दा उठाया गया. यूजर ने आरोप लगाया कि नेहा बोरा को उमर खालिद और बांग्लादेश के साथ अपने कथित संबंधों पर भारतीयों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. हालांकि, इन बयानों से किसी विदेशी संगठन के साथ उनके संबंध साबित नहीं होते.
प्रकाश राज और ध्रुव राठी का भी लिया नाम
वीडियो में अभिनेता प्रकाश राज, यूट्यूबर ध्रुव राठी और एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके का नाम लेते हुए भी गंभीर आरोप लगाए गए. यूजर ने दावा किया कि इन लोगों की राजनीतिक प्रेरणा विदेशी देशों से जुड़ी है और कुछ लोगों को विदेशों से भारत लाया गया है. हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में वीडियो में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया.
वीडियो के अंत में यूजर ने कहा कि भारत के युवा छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, डॉ. भीमराव अंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को अपना आदर्श मानते हैं. साथ ही दावा किया कि Gen Z के नाम पर भारतीय युवाओं को गुमराह करने की कोशिश सफल नहीं होगी.
फिलहाल, नेहा बोरा के बयानों को लेकर सियासी बहस तेज है. एक तरफ उनके समर्थक इसे लोकतांत्रिक आंदोलनों के प्रति एकजुटता बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ आलोचक उनकी वैचारिक प्रेरणा पर सवाल उठा रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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