NCB Operation Trident: देश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के तहत केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय नार्को-सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने मिजोरम पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ मिलकर 23 अक्टूबर 2026 की सुबह एक बड़ा संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ शुरू किया. इस सीक्रेट ऑपरेशन के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर के 38 संवेदनशील ठिकानों पर 38 मल्टी-एजेंसी टीमों ने एक साथ छापेमारी कर म्यांमार से संचालित होने वाले एक बड़े ट्रांसनेशनल ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया.
म्यांमार से जुड़ा कनेक्शन
कई दिनों की खुफिया निगरानी और टारगेट मैपिंग के बाद तैयार इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ ड्रग्स जब्त करना नहीं, बल्कि तस्करी के पूरे लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल नेटवर्क को जड़ से खत्म करना था. जांच में खुलासा हुआ कि यह सिंडिकेट म्यांमार-मिजोरम-मणिपुर-असम-त्रिपुरा कॉरिडोर के रास्ते भारत और बांग्लादेश में मेथामफेटामाइन और हेरोइन की सप्लाई कर रहा था.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस बड़ी सफलता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस कार्रवाई में 100 करोड़ रुपये के हवाला ट्रांजैक्शन का पता चला है. इसके अलावा 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और 17.82 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गई हैं. छापेमारी के दौरान 500 डेटोनेटर, 12 लाख रुपये कैश जब्त किए गए और 18 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
ड्रग कार्टेल पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर
गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस टीमों को बधाई देते हुए स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है. अब सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ जब्ती तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2029 तक भारत से हर ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के मजबूत इरादे को दर्शाती है और जब तक कार्टेल का नामोनिशान नहीं मिट जाता, यह प्रहार जारी रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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