दीपावली के पांच दिवसीय दीपोत्सव से पहले प्रदेशवासियों की सेहत और थाली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत सोमवार को राजधानी लखनऊ, ताजनगरी आगरा और धर्मनगरी वाराणसी में मिठाई और नमकीन विनिर्माण इकाइयों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापे मारे गए.
तीनों प्रमुख शहरों में कुल 86 खाद्य कारोबार प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई. निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों में भारी खामियां मिलने पर 71 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ व सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि संदेह के आधार पर 30 खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए संकलित किए गए. इसके अलावा गंभीर अनियमितताओं के चलते 4 प्रतिष्ठानों के फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है और लखनऊ में एक दुकान का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया गया.
शहरवार कार्रवाई: कहां क्या मिलीं कमियां?
1. वाराणसी (30 प्रतिष्ठानों की जांच, 28 को नोटिस):
वाराणसी में मिठाई व नमकीन की 30 दुकानों का निरीक्षण हुआ, जहां से 15 नमूने लिए गए और 28 दुकानों को सुधार नोटिस दिया गया.
कोजी स्वीट्स (पाण्डेयपुर, सिंधी कॉलोनी): यहां विनिर्माण क्षेत्र में अत्यधिक गंदगी, फर्श पर गंदा पानी जमा होने, दीवारों पर जाले और अपशिष्ट प्रबंधन का अभाव पाया गया. निर्माण में इस्तेमाल हो रही मशीनों और बर्तनों की सफाई बेहद घटिया स्तर की थी. पेस्ट कंट्रोल व वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट न होने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई है.
2. आगरा (27 प्रतिष्ठानों की जांच, 19 को नोटिस):
आगरा में 27 दुकानों की जांच में 15 सैंपल लिए गए और 19 को नोटिस जारी हुए. यहां कई नामी हलवाइयों के यहां गंभीर लापरवाही उजागर हुई:
बांके बिहारी मिष्ठान भंडार (कमला नगर): फर्श पर गंदगी, जलजमाव, बर्तनों की अस्वच्छता और पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट न मिलने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू की गई.
हीरा हलवाई (सेठ गली): अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में मिठाइयां बनाई जा रही थीं. परिसर में गंदगी और दीवारों पर मकड़ी के जाले मिलने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई.
पुष्पक स्वीट्स भंडार (छीपी टोला): यहां निर्माण स्थल पर दो मीटर तक आवश्यक टाइल्स नहीं थीं, पानी की जांच रिपोर्ट गायब थी और नॉन-फूड ग्रेड पैकिंग सामग्री का इस्तेमाल हो रहा था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परिसर में बोरैक्स पाउडर बरामद हुआ, जिसका इस्तेमाल दूध की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए अवैध रूप से किया जा रहा था. इसे अत्यंत घातक मानते हुए लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा की गई है.
3. लखनऊ (29 प्रतिष्ठानों की जांच, 24 को नोटिस):
राजधानी में 29 दुकानों के निरीक्षण में 24 को नोटिस जारी किए गए.
राजस्थान वाला मिठाई प्रतिष्ठान: निरीक्षण के दौरान भारी गंदगी, दीवारों पर जाले, खाद्य कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में घोर लापरवाही मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर ही प्रतिष्ठान का कारोबार पूरी तरह बंद करा दिया.
अखबार में खाद्य सामग्री लपेटने और ‘यूज बाय डेट’ पर पैनी नजर
जांच के दौरान टीमों ने नियामक निरीक्षण चेकलिस्ट के आधार पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की पड़ताल की:
अखबार पर प्रतिबंध: खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटने पर लगे पूर्ण प्रतिबंध के अनुपालन की जांच की गई और केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री के उपयोग की हिदायत दी गई.
‘यूज बाय डेट’ और लेबलिंग: खुदरा काउंटरों पर ट्रे में रखी मिठाइयों के आगे उनकी निर्माण तिथि और उपभोग की अंतिम सीमा (Use By Date) प्रदर्शित करने, पैक्ड नमकीन पर एलर्जन घोषणा, बैच नंबर और FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच की गई.
तेल और मिलावट: खाद्य तेल को बार-बार गर्म करने (टीपीसी स्तर), अखाद्य व प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के प्रयोग और दूध-मावा की शुद्धता को परखा गया.
विभाग के अनुसार, लगातार चल रही इस निगरानी के बाद व्यापारियों में नियमों के प्रति सजगता भी बढ़ी है. हालांकि, त्योहारी सीजन में आम नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा और यह सख्त अभियान पूरे दिवाली पर्व तक अनवरत जारी रहेगा.
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