Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

‘जाणता राजा’ के ऐतिहासिक महामंचन का 250 कलाकारों के शानदार अभिनय के साथ भव्य समापन, अंतिम दिन भी गाजियाबाद में उमड़ा जनसैलाब

गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े महानाट्य ‘जाणता राजा’ का 28 अक्टूबर को भव्य समापन हो गया. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस सात दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ का आधिकारिक मीडिया पार्टनर रहा.

जाणता राजा महामंचन
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

गाजियाबाद स्थित सनसिटी (NH-24) के विशाल प्रांगण में पिछले सात दिनों से गूंज रही ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ और ‘हर हर महादेव’ की गगनभेदी हुंकार बुधवार शाम भले ही औपचारिक रूप से संपन्न हो गई हो, किंतु यह महाआयोजन दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के लाखों युवाओं में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसा अदम्य शौर्य और दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. आशीष गौतम जैसा निस्वार्थ ‘दिव्य प्रेम’ व सेवाभाव जगा गया. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस सात दिवसीय भव्य सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महामंचन का आधिकारिक मीडिया पार्टनर रहा. 28 अक्टूबर को अंतिम दिन के निःशुल्क मंचन के उपरांत जैसे ही मंच पर 250 कलाकारों का सम्मान किया गया, पूरा परिसर कई मिनटों तक करतल ध्वनि और जयकारों से गूंजता रहा.

समापन दिवस के पावन सत्र में पूज्य स्वामी संतोषानंद जी महाराज, भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, राज्यसभा सांसद व पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, राज्यमंत्री रामकेश निषाद, सांसद डॉ. भोला सिंह, फर्रुखाबाद विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, केंद्रीय मंत्री के सहयोगी वैभव डांगे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख डॉ. हरीश जी सहित कई गणमान्य विभूतियां सम्मिलित हुईं.

अंतिम दिन मंच पर भावुक हुए डॉ. आशीष गौतम (भैया जी)

गाजियाबाद में इस भव्य आयोजन की प्रेरणा बने दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम अंतिम दिन दर्शकों के अपार स्नेह को देखकर भावुक हो उठे. उन्होंने कहा:

“22 से 28 अक्टूबर तक गाजियाबाद के सनसिटी में युवाओं और परिवारों का जैसा राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत ज्वार देखने को मिला, वह हृदय को अभिभूत कर गया. मुझे यह पूर्ण विश्वास हो गया है कि सेवा, समर्पण, मर्यादा और शौर्य की इस सनातन धरोहर को आगे बढ़ाने में देश की युवा पीढ़ी कभी पीछे नहीं रहेगी. ‘जाणता राजा’ मात्र एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि हर भारतवासी की अंतरात्मा को झकझोर कर राष्ट्रधर्म के प्रति जाग्रत करने का आध्यात्मिक महायज्ञ है.”

250 कलाकार, घोड़े, तोपें और 4 घंटे का सजीव इतिहास

22 से 28 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से लगातार 4 घंटे तक चले इस लाइव महामंचन में 250 कलाकारों ने सजे-धजे घोड़ों, ऊंटों, हाथियों, तोपों और तलवारों के साथ 16वीं सदी के इतिहास को सजीव कर दिया. चार मंजिला विशाल मंच पर सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ दुर्ग की भव्य प्रतिकृतियों, राज्याभिषेक के अलौकिक दृश्यों और तानाजी मालुसरे के बलिदान ने दर्शकों की आंखों को नम और हृदय को गौरव से भर दिया.

एक सप्ताह तक देश के शीर्ष नेतृत्व ने किया नमन

सात दिवसीय इस महामंचन के दौरान देश के शीर्ष नीति-निर्माता और संत समाज उपस्थित रहे:

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद: तीसरे दिन सम्मिलित होकर उन्होंने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज जैसी करुणा और दिव्यता के आधुनिक वाहक डॉ. आशीष गौतम हैं.

राज्यपालों का मार्गदर्शन: तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने युवाओं को शिवाजी महाराज के सुशासन, कूटनीति और ‘गढ़ आला पण सिंह गेला’ के अमर बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.

परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती: उन्होंने रेखांकित किया कि अखंड भारत के निर्माण के लिए तलवार की शक्ति और विचारों की शक्ति दोनों अनिवार्य हैं.

युवा शक्ति और राष्ट्रीय चेतना: छठे दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर, सांसद मनोज तिवारी और पूर्व मंत्री सुरेश राणा ने युवाओं में जोश भरते हुए विध्वंसकारी ताकतों से सजग रहने की सीख दी.

दूधेश्वर नाथ मठ का 1666 का संकल्प और ऐतिहासिक जुड़ाव

डॉ. आशीष गौतम ने याद दिलाया कि गाजियाबाद में इस महामंचन के आयोजन का गहरा ऐतिहासिक महत्व है. वर्ष 1666 में औरंगजेब की आगरा कैद से निकलने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज सीधे गाजियाबाद के पावन श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ पहुंचे थे, जहां उन्होंने यज्ञ-हवन कर हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का संकल्प दोहराया था. कार्यक्रम में दूधेश्वर नाथ मठ के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने भी उपस्थित होकर संतों की ओर से आशीर्वाद दिया.

ग्लोबल ट्रेंड्स और निःशुल्क भंडारे के साथ समापन

सप्ताहांत और विशेष दिनों में प्रतिदिन 25 से 30 हजार से अधिक दर्शकों की उपस्थिति रही. मेरठ, मुरादाबाद, संभल से 80 से अधिक बसों में भरकर कॉलेज छात्र पहुंचे और मोबाइल टॉर्च जलाकर मंच का स्वागत किया, जिससे सोशल मीडिया पर कई दिनों तक कार्यक्रम के हैशटैग टॉप ट्रेंडिंग में रहे.

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता (चेयरमैन, GNIOT), संयोजक विनय चौधरी और महामंत्री दीपक शर्मा के नेतृत्व में अंतिम दिन सभी दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश रखा गया और मंचन के बाद हजारों लोगों के लिए भव्य भोजन-प्रसाद (भंडारे) की व्यवस्था की गई.

कार्यक्रम के सफल संयोजन में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय चतुर्वेदी, सहसंयोजक राघवेंद्र सिंह, महामंत्री अभय पाल, उदयवीर सिंह, विकास पुंडीर, वरुण पुंडीर, अंकित गिरि, वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शुक्ला, सुरेश चव्हाणके, दीपक चौरसिया, श्रीवर्धन त्रिवेदी, हर्षवर्धन त्रिपाठी और अभिनेता राजा बुंदेला सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई.

‘जाणता राजा’ महामंचन का 6वां दिन: गाजियाबाद आए अनुराग ठाकुर, मनोज तिवारी और सुरेश राणा, जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को बताया ‘नए मुगल’



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital

Latest