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भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर होगा ट्विशा शर्मा सुसाइड केस? सीबीआई ने सौंपी रिपोर्ट

पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट एक सप्ताह बाद ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करेगा. सीबीआई ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है.

Twisha Sharma Suicide Case Supreme Court Transfer Petition CBI Affidavit
Edited by Vaibhav Gupta

Twisha Sharma Suicide Case: पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा सुसाइड केस इन दिनों देश भर की सुर्खियों में बना हुआ है. इस चर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट अब से ठीक एक सप्ताह बाद ट्रांसफर याचिका पर अगली सुनवाई करेगा. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच इस पूरे मामले की सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद जांच एजेंसी CBI ने भी अदालत में अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है. इससे पहले अदालत ने याचिकाकर्ता के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद भोपाल की सत्र अदालत में चल रही मुकदमे की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी.

क्या है परिवार का गंभीर आरोप?

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा एमबीए ग्रेजुएट, मॉडल, योग टीचर और पूर्व मिस पुणे कंटेस्ट की प्रतिभागी रह चुकी थीं. एक डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के रहने वाले वकील समर्थ सिंह से हुई थी. दिसंबर 2025 में दोनों की शादी हुई, जिसके बाद ट्विशा भोपाल शिफ्ट हो गई थीं. आरोपी पति समर्थ सिंह मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व लीगल एडवाइजर और स्टैंडिंग काउंसिल रह चुका है, जबकि उसकी मां गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रही हैं.

मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ ही समय बाद ट्विशा पर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक अत्याचार शुरू हो गया था. परिवार पर लगातार मोटी रकम और कीमती सामान लाने का दबाव बनाया जा रहा था. यहां तक कि उनके चरित्र पर झूठे आरोप लगाए गए, जबरन गर्भपात कराया गया और उन्हें मानसिक रूप से बीमार साबित करने के लिए दवाइयां तक दी जाती थीं. पिता ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए यह भी खुलासा किया है कि ट्विशा की मौत के ठीक अगले दिन उनकी सास ने कई प्रभावशाली लोगों को फोन किए थे.

दिल्ली ट्रांसफर की मांग और CBI जांच

परिवार का आरोप है कि आरोपियों के रसूख के कारण मध्य प्रदेश में निष्पक्ष न्याय मिलना मुश्किल है. इसी को ध्यान में रखते हुए पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर भोपाल कोर्ट में चल रहे मुकदमे को दिल्ली की किसी सक्षम अदालत में ट्रांसफर करने की गुहार लगाई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही परिजनों को आश्वासन दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी. अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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