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समुद्र में भारत का दमदार ऑपरेशन: सोमाली लुटेरों के चंगुल से छुड़ाएं 20 ईरानी नागरिक सुरक्षित, ईरान ने जताया आभार

Indian Navy Rescue Operation: भारतीय नौसेना और वायु सेना ने अरब सागर में 48 घंटे का बड़ा अभियान चलाकर सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे से ईरानी जहाज अज़िनी और उसके 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित छुड़ाया.

A major achievement by the Indian Navy

भारतीय नौसेना का बड़ा कारनामा

Indian Navy Rescue Operation: भारतीय सुरक्षा बलों ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है. अरब सागर में सोमाली समुद्री लुटेरों के कब्जे में फंसे ईरान के मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ और उस पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इस सफल अभियान के बाद भारत में मौजूद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास ने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की खुलकर सराहना की है.

ईरान ने भारत को कहा धन्यवाद

नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर भारतीय एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया. दूतावास ने कहा कि ईरानी मछुआरों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए चलाया गया यह अभियान पूरी तरह सफल रहा और इसके लिए भारत सरकार, भारतीय नौसेना तथा भारतीय वायु सेना का धन्यवाद किया जाना चाहिए.

भारतीय सेना के तालमेल की हुई तारीफ

दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस पेशेवर तरीके, बहादुरी और बेहतरीन समन्वय का प्रदर्शन किया, वह काबिले-तारीफ है. ईरान ने कहा कि यह मिशन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के प्रति भारत की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है. साथ ही यह भी साबित करता है कि भारत सीमाओं से परे जाकर लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है.

दोस्ती और सहयोग का उदाहरण बना मिशन

ईरानी दूतावास ने अपने संदेश में यह भी कहा कि यह बचाव अभियान दोनों देशों के बीच मौजूद दोस्ती, सहयोग और एकजुटता का मजबूत प्रतीक है. उन्होंने उन सभी अधिकारियों, जवानों और संबंधित लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने ईरानी नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने में योगदान दिया.

29 अक्टूबर को हुआ था जहाज का अपहरण

जानकारी के मुताबिक सोमाली समुद्री लुटेरों ने 29 अक्टूबर को मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अज़िनी’ पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद भारतीय नौसेना ने तत्काल एक बड़े रेस्क्यू मिशन की योजना बनाई. यह अभियान अरब सागर में मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर चलाया गया और करीब 48 घंटे तक लगातार जारी रहा.

INS कोलकाता ने संभाली अभियान की कमान

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता ने किया. नौसेना ने समुद्र में लुटेरों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की और जहाज तक पहुंचने की रणनीति बनाई. अभियान के दौरान हर कदम बेहद सावधानी और सटीकता के साथ उठाया गया.

वायु सेना और मरीन कमांडोज ने निभाई अहम भूमिका

इस मिशन में भारतीय वायु सेना ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. वायु सेना के C-17 विमान की मदद से नौसेना के मरीन कमांडोज (MARCOS) को सटीक हवाई ड्रॉप के जरिए समुद्र में उतारा गया. कमांडोज ने आगे बढ़कर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

लुटेरों की बड़ी साजिश नाकाम

सूत्रों के अनुसार समुद्री लुटेरे ‘अज़िनी’ जहाज को एक तरह के ‘मदर शिप’ के रूप में इस्तेमाल करना चाहते थे. उनकी योजना इस जहाज की मदद से अन्य व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की थी. हालांकि भारतीय बलों की त्वरित कार्रवाई ने इस मंसूबे को सफल नहीं होने दिया और संभावित खतरे को समय रहते समाप्त कर दिया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल अभियान के लिए भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना को बधाई दी. उन्होंने कहा कि 2 नवंबर 2026 को भारतीय नौसेना ने 48 घंटे तक चले एक सुनियोजित ऑपरेशन के जरिए समुद्री लुटेरों के कब्जे में मौजूद ‘अज़िनी’ और उसके सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाया.

भारतीय सेना की क्षमता का उदाहरण

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना के समय पर मिले सहयोग ने मिशन को और प्रभावी बनाया. भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों के कब्जे से चालक दल और जहाज को ढूंढना, उन्हें रोकना और सुरक्षित मुक्त कराना भारतीय नौसेना की उच्च स्तरीय तैयारियों और समुद्री क्षेत्र में उसकी मजबूत क्षमता को दिखाता है.

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हिंद महासागर की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध भारत

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और लोगों की जान बचाने के लिए पूरी तरह सक्षम है. उन्होंने दोहराया कि भारत ‘SAFE SEAS’ के विजन के तहत सुरक्षित, मुक्त और खुले हिंद महासागर क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह अभियान उसी संकल्प का एक और मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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