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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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500 साल पुराने श्राप से बचने के लिए आधी रात दो बच्चों का अनोखा विवाह, एक बना दूल्हा और दूसरे को निभानी पड़ी दुल्हन की भूमिका

Ajab Gajab: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया गांव में होली की पूर्व संध्या पर अनोखी परंपरा निभाई गई. आधी रात को दो बालकों का विवाह कराया गया. यह परंपरा 500 साल पुरानी है और ग्रामीण इसे आस्था और भय से जोड़ते हैं.

Ajab Gajab: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बड़ोदिया गांव में होली की पूर्व संध्या पर एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है. आधी रात को दो बच्चों को उठाकर उनका विवाह कराया जाता है. ग्रामीणों के लिए यह सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि आस्था और भय का संगम है.

चुन्नू- मुन्नू का विवाह

इस बार चुन्नू और मुन्नू को विवाह के लिए चुना गया. दोनों ही दूल्हा बनने की जिद पर अड़ गए. विवाद बढ़ने पर गांव के मुखिया नाथजी भाई पटेल और डॉ. स्वामी विवेकानंद महाराज ने हस्तक्षेप किया. पंचों के फैसले से चुन्नू को दूल्हा और मुन्नू को दुल्हन बनाया गया. महिलाओं ने हल्दी लगाई और पंडित दिलीप शर्मा ने वैदिक मंत्रों के साथ विवाह की रस्में पूरी कराईं.

समाज सुधार का संदेश

इस आयोजन को सामाजिक संदेश से भी जोड़ा गया. हवन कुंड में लकड़ी के साथ गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू उत्पाद जलाए गए. इन्हीं की अग्नि के सामने सात फेरे लेकर नशे के खिलाफ संदेश दिया गया. ‘मामेरा’ रस्म में बच्चों को नकदी के साथ किताबें और पेन भेंट किए गए ताकि शिक्षा और राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूकता बढ़े.

500 साल पुराना इतिहास

ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा करीब 500 साल पुरानी है. कहा जाता है कि यहां कभी ‘खेर’ जाति का शासन था. जब गोल पटेल समाज यहां आया तो खेर जाति को विस्थापित होना पड़ा. जाते समय खेर जाति के मुखिया ने श्राप दिया कि यदि होली से पहले यह विवाह न हुआ तो गांव तबाह हो जाएगा.

परंपरा तोड़ने का अंजाम

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि करीब 90 साल पहले भारी बारिश के कारण यह विवाह नहीं हो पाया था. इसके बाद गांव में अकाल पड़ा और 200 से अधिक पशुओं की मौत हो गई. उस भयावह घटना के बाद से ग्रामीण इस परंपरा को कभी नहीं भूलते.

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उत्सव का माहौल

रात के अंधेरे में फागण गीतों, ढोल-नगाड़ों और आधुनिक दौर की सेल्फियों के बीच यह आयोजन हर साल गांव की गलियों में जीवंत हो उठता है. ग्रामीण इसे आस्था और परंपरा का प्रतीक मानते हैं और पूरी श्रद्धा से निभाते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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