jobs for Children
Jobs for Children: आज के दौर में जहां युवा अच्छी नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं एक देश ऐसा भी है जहां बच्चे अपने ही घर में ‘फुल टाइम कर्मचारी’ बन गए हैं. सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है. चीन में इन दिनों ‘फुल टाइम चिल्ड्रन’ (Full-time Children) का चलन तेजी से बढ़ रहा है. यहां युवा बाहर नौकरी करने के बजाय अपने माता-पिता के घर के काम संभाल रहे हैं और इसके बदले उन्हें हर महीने 40 से 80 हजार रुपये तक की सैलरी मिल रही है.
क्या है ‘फुल टाइम चिल्ड्रन’ का नया कॉन्सेप्ट?
चीन में बढ़ती बेरोजगारी और वर्क कल्चर के दबाव के कारण युवाओं ने एक नया रास्ता निकाला है. ये युवा अपने माता-पिता के साथ रहते हैं और घर की साफ-सफाई, खाना बनाना, राशन लाना और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करना जैसे काम करते हैं. इसके बदले माता-पिता उन्हें एक तय वेतन देते हैं. उनका तर्क है कि बाहर किसी अजनबी को काम पर रखने या ओल्ड एज होम में पैसे खर्च करने से बेहतर है कि वे अपने बच्चों को यह राशि दें.
क्यों लोकप्रिय हो रहा है यह चलन?
चीन की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव और ‘996’ वर्क कल्चर (सुबह 9 से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन काम) की वजह से युवा मानसिक रूप से थक चुके हैं. वे अब कॉरपोरेट की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून की तलाश में हैं. दूसरी ओर, चीन की बूढ़ी होती आबादी को अपनों के साथ की जरूरत है. ऐसे में यह ‘प्रोफेशनल’ रिश्ता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है.
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस अनोखी व्यवस्था को लेकर इंटरनेट पर दो तरह की राय देखने को मिल रही है. कुछ लोग इसे ‘बुढ़ापे का सहारा’ और बेरोजगारी का स्मार्ट समाधान मान रहे हैं. वहीं, कुछ आलोचकों का कहना है कि यह युवाओं को आलसी बना सकता है और वे अपनी पेशेवर स्किल्स खो सकते हैं. हालांकि, वहां के युवाओं का मानना है कि परिवार की सेवा करना और उसके बदले आर्थिक मदद पाना कोई गलत बात नहीं है.
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