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गोपाल कृष्ण




भारत एक्सप्रेस


दिल्ली हाई कोर्ट में हनी सिंह और बादशाह के पुराने विवादित गाने ‘माफिया मुंडीर (वॉल्यूम 1)’ को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई.

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने केंद्र सरकार के 2023 के नए कानून का विरोध किया, जिसमें चयन समिति से मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर दिया गया है.

Sabarimala Case: सीजेआई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने धार्मिक प्रथाओं और मौलिक अधिकारों में अदालती दखल की सीमाओं पर चर्चा की.

Delhi High Court Case: बोट (boAt) के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने अपनी छवि और आवाज के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट ने इस मामले में सभी दलीलें सुनने के बाद अपना अंतरिम फैसला अगस्त तक के लिए सुरक्षित रखा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कपूर परिवार के संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है. 80 वर्षीय रानी कपूर ने अपनी बहू और दिवंगत बेटे पर धोखाधड़ी से ट्रस्ट बनाकर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि साप्ताहिक बाजार लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं बनने चाहिए. कोर्ट ने एमसीडी को अतिक्रमण रोकने के लिए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जुलाई में सुनवाई करेगा. कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है. स्वामी का तर्क है कि रामसेतु धार्मिक और पुरातात्विक मानदंडों को पूरा करता है.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोहाली और चंडीगढ़ में बिल्डरों और आईटी कंपनियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान 21 लाख रुपये कैश बरामद किया गया और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ कैश कांड मामले में महाभियोग की प्रक्रिया और जांच कमेटी के गठन की पूरी जानकारी. जानें क्या है कानूनी विवाद?

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 8वीं पुण्यतिथि पर “रिस्पेक्ट इंडिया” द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीजेआई सूर्यकांत शामिल हुए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इस समय अतिरिक्त जजों की आवश्यकता है, क्योंकि कई संवैधानिक पीठ से जुड़े मामले लंबित हैं.