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कोमल शर्मा, वरिष्ठ संवाददाता




भारत एक्सप्रेस


रेल यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रखते हुए भारतीय रेल ने तीन और राज्यों को वंदे भारत की सौगात दी. ये एक्सप्रेस दौड़ेगी श्री वैष्णो देवी कटरा से अमृतसर, अजनी (नागपुर) से पुणे और बेलगावी से बंगलौर. पीएम मोदी ने रविवार को केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से इन तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

First Goods Train In Kashmir Valley: पंजाब के रूपनगर से कश्मीर घाटी के अनंतनाग गुड्स शेड तक पहली मालगाड़ी पहुंच गई है. इसे पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है. जानिए प्रोजेक्ट की डिटेल क्या है?

भारतीय रेलवे ने अपनी यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) का पूर्ण नवीनीकरण किया है. नई क्लाउड-आधारित प्रणाली से टिकट बुकिंग की क्षमता चार गुना बढ़ेगी. इसके साथ ही, अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दी गई है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी.

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना, देश की सबसे कठिन रेलवे परियोजनाओं में से एक, अब पूरी हो चुकी है. यह 272 किलोमीटर लंबी रेल लाइन जम्मू-कश्मीर के आठ जिलों को जोड़ती है और इसमें चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल भी शामिल है.

गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' के तहत अत्याधुनिक निगरानी तकनीकों की मंजूरी दी है, जिससे महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को नया आयाम मिलेगा. वहीं, एनआईए की जांच में 97.08% सजा दर और सीआरपीएफ कैंपों व पर्यावरण संरक्षण अभियानों की जानकारी भी राज्यसभा में प्रस्तुत की गई.

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भावनगर से तीन नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की, जो अयोध्या, पुणे और रायपुर को जोड़ेंगी. इनसे यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र के यात्रियों को लाभ मिलेगा.

Indian Railway: रेल मंत्रालय ने त्योहारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देश के 73 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन निदेशक की नियुक्ति का निर्णय लिया है. इन्हें तुरंत फैसले लेने के अधिकार दिए जाएंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने 11,169 करोड़ रुपये की लागत से चार प्रमुख रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इससे 574 किमी रेल नेटवर्क विस्तार, 43.60 लाख लोगों को लाभ और पर्यावरण संरक्षण में योगदान होगा.

भारतीय रेलवे ने मथुरा-कोटा खंड पर स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन संरक्षण प्रणाली कवच 4.0 को लागू कर दिया है. यह प्रणाली कोहरे जैसी दृश्यता की कमी वाली परिस्थितियों में भी इंजन पायलटों को सुरक्षित संचालन में सहायता करती है.

भारतीय रेलवे ने ट्रैक और डिब्बों के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार किए हैं. कश्मीर घाटी में पहली बार रेल के माध्यम से रेक को मेंटेनेंस के लिए भेजा गया है, जबकि देशभर में ट्रैकों की गति क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है.