उपेन्द्र राय, सीएमडी / एडिटर-इन-चीफ, भारत एक्सप्रेस
भारत एक्सप्रेस
अमृतकाल पर दाग न बन जाए ‘अमृत-कथा’
पंजाब फिर अस्सी वाले उसी दशक में न पहुंच जाए इसके लिए जरूरी है कि अमृतपाल के सरेंडर करने या उसकी गिरफ्तारी के बाद पारदर्शी जांच और अभियोजन सुनिश्चित कर जल्द-से-जल्द उसकी इस कथा का उपसंहार लिख दिया जाए।
ग्लोबल वॉर्मिंग का गहराता संकट: अब नहीं तो कब?
विडंबना है कि ऐसी आपातकालीन परिस्थिति आसन्न होने के बावजूद पर्यावरणीय प्रदूषण के सबसे बड़े जिम्मेदार दो देश - चीन और अमेरिका ने जीवाश्म ईंधन की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
दोस्ती तोड़ेगी चीन का चक्रव्यूह
चीन की चालबाजी का एक गौर करने वाला पक्ष ये भी है कि ‘सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ की तर्ज पर वो अब अपनी छवि सुधारने की जुगत भी लगा रहा है।
यूपी बना मिसाल, ‘जीरो टॉलरेंस’ का कमाल
योगी सरकार साल 2017 में उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई थी और तब से ही कानून-व्यवस्था उसके शासन मॉडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
मोदी है तो मुमकिन है..
प्रधानमंत्री मोदी के कुशल और दमदार नेतृत्व से वैश्विक स्तर पर आज भारत अपने देश और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए बिना संकोच अपनी बात रखने में सक्षम है।
जापान की ‘आपदा’, भारत में ‘अवसर’
2008 में 12 करोड़ 80 लाख के उच्चतम शिखर से जापान की आबादी केवल डेढ़ दशक में घटकर 34 लाख से अधिक की गिरावट के साथ 12 करोड़ 46 लाख रह गई है।
विश्वगुरु बनने की ‘कूटनीति’
ऐसे में ‘2023 को भारत का साल’ बताने वाली अमेरिका की भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करवाने के हमारे प्रयास इस सफर को और आसान कर सकते हैं।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट, विदेशी साजिश या खुफिया सोर्स?
हिंडनबर्ग से पहले फिच ग्रुप की क्रेडिट साइट्स ने भी अगस्त 2022 में रिपोर्ट जारी कर बताया था कि अडानी ग्रुप पर भारी कर्ज का बोझ है।
जीत से आगाज, 2024 का शंखनाद
कांग्रेस भी शायद जमीन की हकीकत को समझ रही है। रायपुर के अधिवेशन में उसने एक तरह से ये बात मान ली है कि गठजोड़ उसके लिए भी जरूरी है और गठजोड़ बनाए बिना चुनावी वैतरणी पार करने का उसका माद्दा नहीं बचा है।
चीनी विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात: तनाव के बीच पिघलेगी बर्फ!
चीनी आक्रामकता, भारत की त्वरित, दृढ़ प्रतिक्रिया और 3 वर्षों के गतिरोध से चीन को कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ है.





