विनीत नारायण, वरिष्ठ पत्रकार
भारत एक्सप्रेस
साधक की मौत का सच: क्या सोशल मीडिया के ग्लैमर और चेलों की सियासत में उलझे प्रेमानंद महाराज?
Premanand Maharaj News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक युवा साधक की रहस्यमय मृत्यु ने बहस छेड़ दी है. एक तरफ जहां महाराज के जीवन की सादगी और तपस्या अकाट्य है, वहीं दूसरी ओर उनके शिष्यों द्वारा खड़ी की गई भव्यता, सोशल मीडिया ग्लैमर और संपत्ति के खेल पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
आडंबरी गुरुओं पर करारा तमाचा! ‘हनुमान अंश’ ने खोला सच, जानिए कौन है असली और फरेबी संत?
Hanuman Ansh Movie: 'हनुमान अंश' फिल्म ने याद दिलाए नीब करौरी बाबा और ब्रज के सच्चे संतों के प्रसंग. जानिए क्यों आज के दौर में आडंबरी गुरुओं से बचकर सच्चा संत पहचानना जरूरी है.
हर हाथ में स्मार्टफोन, हर छात्र बना रिपोर्टर! जनता की जागरूकता से कैसे मजबूत हो सकता है लोकतंत्र?
Public Awareness And Democracy: स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सामने रखने की ताकत दी है. जानिए जनता की जागरूकता लोकतंत्र को कैसे मजबूत कर सकती है.
भारतीय थाली का भूला विज्ञान, दादी-नानी के खान-पान में छिपे सेहत के राज; जानें क्यों जरूरी है पारंपरिक आहार
Indian Diet: भारतीय खान-पान की परंपराएं सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि मौसम, स्थानीय खाद्य पदार्थों और जीवनशैली से भी जुड़ी रही हैं. आज पैकेज्ड फूड और बाहर के खाने के बढ़ते चलन के बीच पारंपरिक भोजन और आधुनिक पोषण विज्ञान के संतुलन पर जोर जरूरी है.
विलासिता नहीं, उद्देश्य चाहिए घर के बुजुर्गों को
Modern Society Happiness: आधुनिक समाज में सुख की परिभाषा बदल गई है. आराम और सुविधाओं को ही खुशहाल जीवन मान लिया गया है.
सरकार की व्यवस्था कैसे सुधरे? मीडिया, विकास और प्रशासनिक जवाबदेही पर विनीत नारायण का विश्लेषण
मीडिया के एकतरफा रवैये, पीएम मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातली असर, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और तमिलनाडु के सीएम सी जोसेफ विजय की पहल के बीच जानिए कैसे AI और नागरिक निगरानी समितियों के जरिए देश में पारदर्शी व जवाबदेह शासन स्थापित किया जा सकता है? पढ़ें वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण का विश्लेषण
भीषण गर्मी से बचाएंगे पारम्परिक उपाय! AC-कूलर नहीं, मिट्टी का घड़ा और पेड़ों की छांव ही असली समाधान?
देश में बढ़ती भीषण गर्मी, जल संकट और फसल नुकसान ने किसानों से लेकर शहरों तक चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक जीवनशैली ही भविष्य के पर्यावरण संकट का सबसे बड़ा इलाज हैं...
19 हजार लोगों को VIP सिक्योरिटी, जनता की जान की कीमत पर वीआईपी सुरक्षा क्यों? पढ़ें विनीत नारायण का लेख
आम आदमी दुर्घटनाओं में जान गंवा रहा है और वीआईपी सुरक्षा पर देश के हजारों करोड़ फूंके जा रहे हैं. आखिर बिना खतरे के नेताओं और बाबाओं को सुरक्षा घेरा क्यों चाहिए? पढ़ें विनीत नारायण का लेख और जानिए इस कड़वे सच के पीछे की पूरी कहानी
किन्नरों द्वारा जबरन ‘नेग’ वसूली गैरकानूनी: इलाहाबाद हाई कोर्ट का सख्त संदेश
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने नेग के नाम पर जबरन वसूली को अपराध करार दिया. कोर्ट ने कहा कि परंपरा अपनी जगह, लेकिन डराकर पैसा लेना कानूनन गलत है...
खतरे की घंटी है ‘माइग्रेशन’ की राजनीति, AAP सांसदों का सामूहिक पलायन लोकतंत्र के लिए चेतावनी?
AAP के कुल 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों (राघव चड्ढा, हरभजन सिंह आदि) ने भाजपा का दामन थाम लिया है पंजाब की भगवंत मान सरकार पर मंडराते खतरे और ED/CBI की भूमिका पर पढ़ें वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण का यह बेबाक विश्लेषण







