Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

विनीत नारायण, वरिष्ठ पत्रकार




भारत एक्सप्रेस


सोशल मीडिया पर 20 से 33 देशों द्वारा नागरिकों को खाने-पीने का सामान, पानी और जरूरी दवाइयां जमा करने की सलाह देने की खबरों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है. कहीं तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जताई जा रही है, तो कहीं तेल और खाद्य संकट की बातें हो रही हैं.

स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता और शौचालय निर्माण को बढ़ावा दिया, लेकिन ठोस कचरा प्रबंधन, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और रीसाइक्लिंग जैसी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं.

Premanand Maharaj News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक युवा साधक की रहस्यमय मृत्यु ने बहस छेड़ दी है. एक तरफ जहां महाराज के जीवन की सादगी और तपस्या अकाट्य है, वहीं दूसरी ओर उनके शिष्यों द्वारा खड़ी की गई भव्यता, सोशल मीडिया ग्लैमर और संपत्ति के खेल पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Hanuman Ansh Movie: 'हनुमान अंश' फिल्म ने याद दिलाए नीब करौरी बाबा और ब्रज के सच्चे संतों के प्रसंग. जानिए क्यों आज के दौर में आडंबरी गुरुओं से बचकर सच्चा संत पहचानना जरूरी है.

Public Awareness And Democracy: स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सामने रखने की ताकत दी है. जानिए जनता की जागरूकता लोकतंत्र को कैसे मजबूत कर सकती है.

Indian Diet: भारतीय खान-पान की परंपराएं सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि मौसम, स्थानीय खाद्य पदार्थों और जीवनशैली से भी जुड़ी रही हैं. आज पैकेज्ड फूड और बाहर के खाने के बढ़ते चलन के बीच पारंपरिक भोजन और आधुनिक पोषण विज्ञान के संतुलन पर जोर जरूरी है.

Modern Society Happiness: आधुनिक समाज में सुख की परिभाषा बदल गई है. आराम और सुविधाओं को ही खुशहाल जीवन मान लिया गया है.

मीडिया के एकतरफा रवैये, पीएम मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं के धरातली असर, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और तमिलनाडु के सीएम सी जोसेफ विजय की पहल के बीच जानिए कैसे AI और नागरिक निगरानी समितियों के जरिए देश में पारदर्शी व जवाबदेह शासन स्थापित किया जा सकता है? पढ़ें वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण का विश्लेषण

देश में बढ़ती भीषण गर्मी, जल संकट और फसल नुकसान ने किसानों से लेकर शहरों तक चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक जीवनशैली ही भविष्य के पर्यावरण संकट का सबसे बड़ा इलाज हैं...

आम आदमी दुर्घटनाओं में जान गंवा रहा है और वीआईपी सुरक्षा पर देश के हजारों करोड़ फूंके जा रहे हैं. आखिर बिना खतरे के नेताओं और बाबाओं को सुरक्षा घेरा क्यों चाहिए? पढ़ें विनीत नारायण का लेख और जानिए इस कड़वे सच के पीछे की पूरी कहानी

Latest