विनीत नारायण, वरिष्ठ पत्रकार
भारत एक्सप्रेस
आपकी थाली में ‘धीमी मौत’, खाद्य मिलावट का गहराता संकट; Vineet Narayan Opinion
Food Adulteration Crisis: देश की तमाम बड़ी समस्याओं में एक बड़ी समस्या मिलावट की है. अगर यह खाद्य पदार्थों में हो तो और गहरा हो जाता है. पढ़िये विनीत नारायण को ओपिनियन
राजधानी दिल्ली का भविष्य खतरे में! सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्यों डरे हुए हैं लोग? Vineet Narain Opinion
सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश ने अरावली पर्वत शृंखला के बड़े हिस्से को संरक्षण से बाहर कर दिया है. जानिए कैसे 100 मीटर की ऊंचाई का यह पैमाना दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण, जल संकट और खनन के खतरे को बढ़ा सकता है.
‘डांसिंग भालू’: शोषण से संरक्षण तक की यात्रा
स्लॉथ भालुओं (Sloth Bear) का लंबे समय तक चला ‘डांसिंग भालू’ शोषण‑मॉडल आज लगभग समाप्त हो चुका है और इसके केंद्र में एक संगठित, मानवीय व वैज्ञानिक दृष्टि से समर्थ संरक्षण आंदोलन खड़ा है.
क्यों नहीं रुकते आतंकी हमले?
आतंकी हमलों के पीछे पढ़े लिखे ऐसे लोग शामिल हैं जिनसे ऐसी वैशियाना हरकत की उम्मीद नहीं की जा सकती. प्रश्न है कि जब देश की सुरक्षा एजेंसियां हर समय अपने पंजों पर रहती हैं उसके बावजूद भी देश की राजधानी जो कि सुरक्षा के लिहाज से काफी मुस्तैद मानी जाती है.
चुनावी मौसम में पत्रकारों का कर्तव्य
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य हमेशा सत्य का अन्वेषण रहा है. पत्रकार न तो किसी नेता के समर्थक होते हैं, न विरोधी, वे केवल जनता के प्रतिनिधि हैं. यदि मीडिया प्रचार का माध्यम बने, तो लोकतंत्र की आत्मा को आघात पहुँचता है.
भगदड़: भारत क्यों बार-बार विफल हो रहा है?
भारत में भीड़ भगदड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. प्रशासनिक लापरवाही, बुनियादी ढांचे की कमी और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था इसके मुख्य कारण हैं. जानें हाल के हादसे, कारण और समाधान.
इटावा लायन सफारी: वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के इटावा में स्थित लायन सफारी पार्क एशियाई शेरों के संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने वाला भारत का अनोखा ड्राइव-थ्रू सफारी पार्क है.
स्वच्छ ऊर्जा की दौड़ में चीन का बढ़ता वर्चस्व!
अमेरिका जहां तेल और गैस पर दांव लगा रहा है, वहीं चीन स्वच्छ ऊर्जा में विश्व नेतृत्व हासिल कर रहा है. यह न सिर्फ आर्थिक संतुलन बल्कि एआई और भविष्य की तकनीकी क्रांति को भी प्रभावित करेगा. भारत को इससे सबक लेकर स्वदेशी नवाचार पर ध्यान देना होगा.
‘आपदा’ की साजिश! हिमालयी राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से हर साल क्यों हो रही एक जैसी तबाही?
मानसून के मौसम में भारत हर साल तबाही झेलता है. उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बादल फटने और भूस्खलन से जन-धन का नुकसान बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और भ्रष्टाचार ने इन आपदाओं को और गंभीर बना दिया है.
‘गुमनामी बाबा’ के कमरे से निकले सामान ख़ास क्यों हैं?
गुमनामी बाबा के कमरे से निकली 2760 वस्तुएं आज भी रहस्य बनी हुई हैं. इनमें महंगी घड़ियाँ, विदेशी पाइप, नेताजी के परिवार की तस्वीरें, दुर्लभ नक्शे और 1600 से अधिक पत्र शामिल हैं. क्या ये सबूत साबित करते हैं कि गुमनामी बाबा ही नेताजी थे?







