विनीत नारायण, वरिष्ठ पत्रकार
भारत एक्सप्रेस
बाजारवाद के मकड़जाल से ‘गौ-आधारित’ आत्मनिर्भरता की ओर: क्या ‘सकल घरेलू उल्लास’ बनेगा भारत का नया पैमाना?
GDP आधारित विकास मॉडल पर सवाल उठते हुए अब ‘सकल घरेलू उल्लास’ और गांव-केंद्रित अर्थव्यवस्था की चर्चा तेज हो रही है. गौ-आधारित आत्मनिर्भरता और मथुरा मॉडल को भारत के भविष्य के विकल्प के तौर पर पेश किया जा रहा है...
अमेरिका-ईरान युद्ध का भारत पर प्रभाव
US Israel Iran conflict: 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमलों ने संघर्ष को युद्ध का रूप दे दिया है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की कीमतें 100 डॉलर पार कर गईं.
अमेरिका की कूटनीति नहीं दादागिरी!
कोरिया से लेकर वेनेजुएला तक और वियतनाम से लेकर ईरान तक, क्या अमेरिका की विदेश नीति केवल 'झूठ और दादागिरी' पर टिकी है? सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने 1950 से लेकर 2026 तक के अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेपों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
काठमांडू बनाम दिल्ली !
काठमांडू की साफ-सुथरी सड़कों, शौचालयों और ट्रैफिक व्यवस्था ने दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है. वहीं भारत का ‘स्वच्छ भारत अभियान’ प्रचार के बावजूद जमीनी स्तर पर कमजोर दिखता है.
एपस्टीन फाइल्स का जिन्न..! दुनिया के सबसे बड़े ‘सेक्स स्कैंडल’ खामोशी क्यों? ओपिनियन- विनीत नारायण
Opinion On Epstein Files: 'एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट' के तहत 35 लाख पन्ने जारी हुए हैं. इसमें प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी के बाद खलबली मची हुई है. दुनिया के दिग्गजों के नाम इसमें आए हैं. हालांकि, इसके बीद भी खामोशी छाई हुई है. पढ़ें पत्रकार विनीत नारायण का ओपिनियन
एचबीए1सी टेस्ट पर नया अध्ययन: डायबिटीज का ‘सोने का मानक’ अब सवालों के घेरे में
फरवरी 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार HbA1c टेस्ट एनीमिया और आनुवंशिक विकारों के कारण डायबिटीज का गलत निदान कर सकता है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत जैसे देशों में केवल HbA1c पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है...
मणिकर्णिका घाट विवाद: शहरी विकास बनाम पुरातन धरोहर, क्या भारत अपने तीर्थ नगरों को बचा पाएगा?
काशी के मणिकर्णिका घाट पर उठा विवाद भारत के धार्मिक शहरों में विकास और धरोहर संरक्षण के टकराव को उजागर करता है. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि गलत प्लानिंग ने आस्था, वास्तुकला और इतिहास तीनों को खतरे में डाल दिया है.
भारत-EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ को कैसे प्रभावी बनाए सरकार?
India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भारत के लिए बड़े अवसर लेकर आया है. यह निर्यात, निवेश और रोजगार बढ़ा सकता है, लेकिन कृषि, एमएसएमई और नीति-स्वायत्तता को लेकर जोखिम भी हैं.
कैसे हल हो भारत में दूषित जल की समस्या?
भारत गंभीर जल संकट से जूझ रहा है. 2025-26 में दूषित नल के पानी से 5,500 से अधिक लोग बीमार हुए और 34 मौतें हुईं. गंगा-यमुना जैसी नदियां औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज से प्रदूषित हैं.
अमेरिकी लोकतंत्र की पारदर्शिता और भारतीय संसद!
दिसंबर 2025 में अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ज्यूडिशियरी कमिटी ने एफबीआई निदेशक काश पटेल (Kash Patel) को एपस्टीन फाइलों, एफबीआई की पारदर्शिता और राजनीतिकरण जैसे मुद्दों पर सुनवाई के लिए बुलाया.







