Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

ब्लॉग

पिछली सवा सदी (2001-2025) उथल-पुथल से भरी रही. जहां तकनीक ने दुनिया को मुट्ठी में किया, वहीं आतंकवाद और महामारियों ने गहरी चोट दी. इस रिपोर्ट में 25 ऐसी घटनाओं का विवरण है जिन्होंने इतिहास रचा, जिसमें भारत की नई सामरिक नीति 'ऑपरेशन सिंदूर' भी शामिल है.

श्रीलाल शुक्ल की जन्म शताब्दी पर उनकी कालजयी कृति राग दरबारी एक बार फिर हमें स्वतंत्र भारत के ग्रामीण जीवन, सत्ता, भ्रष्टाचार और नैतिक पतन का आईना दिखाती है.

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीपों की मुक्ति, 'शहीद' और 'स्वराज' के रूप में उनका नया नामकरण, और आजाद हिंद सरकार के इस साहसी कदम ने भारत की आजादी के संकल्प को कैसे मजबूत किया, जानें इसकी पूरी जानकारी.

74 वर्ष की आयु में दुनिया छोड़ने वाले इस महान व्यक्तित्व ने अपने जीवनकाल में पुलिस सेवा, सामाजिक कार्य, धार्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में अकूत योगदान दिया. वे न केवल बिहार के एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि एक गहन विद्वान, दानवीर और राम भक्त के रूप में भी विख्यात थे.

बड़े बदलाव छोटे-छोटे आदतों से आते हैं. जेम्स क्लियर की 'Atomic Habits' हमें यह समझाती है कि कैसे छोटे, लगातार प्रयास हमारी जिंदगी में असाधारण परिणाम ला सकते हैं.

बिहार की मिट्टी से निकलीं तारकेश्वरी सिन्हा भारतीय राजनीति का वह चमकता सितारा थीं, जिन्होंने मात्र 26 वर्ष की उम्र में संसद पहुँचकर इतिहास रच दिया.

आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) अपने 100 वर्ष पूरे कर रही है. 26 दिसंबर, 1925 को कानपुर में स्थापित यह पार्टी मजदूरों, किसानों और वंचितों की आवाज बनकर उभरी.

गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह भारतीय इतिहास में अद्वितीय वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं. 26 दिसंबर को मनाया जाने वाला वीर बाल दिवस उनकी शहादत को नमन करने और आने वाली पीढ़ियों को साहस, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

19वीं सदी की भारत में बाल विवाह जैसी प्रथा के खिलाफ रुक्माबाई राउत ने अदालती जंग लड़ी और महिलाओं के अधिकारों की राह खोली. उन्होंने अपने जीवन को संघर्ष, शिक्षा और चिकित्सा सेवा में समर्पित किया.

प्रख्यात कवि, उपन्यासकार और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में जन्मे शुक्ल हिंदी साहित्य में सादगी और दार्शनिक गहराई का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते थे.


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital