मसालों के लिए महायुद्ध: दीव की लहरों पर पुर्तगालियों ने बदला इतिहास, 500 साल पहले ऐसे पड़ा था गुलामी का बीज
क्या आप जानते हैं कि भारत में यूरोपीय गुलामी की नींव एक 'मसाला युद्ध' से पड़ी थी? 3 फरवरी 1509 को दीव के तट पर लड़ी गई वह नौसैनिक जंग, जहाँ काली मिर्च और लौंग के व्यापार पर कब्जे के लिए दुनिया की महाशक्तियां आपस में भिड़ गई थीं.
बिहार की मिट्टी से जुड़ा पद्मश्री सम्मान, डॉ. गोपालजी त्रिवेदी बने मिसाल
बिहार के मुजफ्फरपुर से निकलकर कृषि विज्ञान में क्रांति लाने वाले डॉ. गोपालजी त्रिवेदी को 2026 के पद्मश्री से सम्मानित किया गया है. लीची की खेती के पुनर्जीवन से लेकर मखाना की वैज्ञानिक पैदावार तक, उनके नवाचारों ने लाखों किसानों की किस्मत बदली और बिहार की कृषि को वैश्विक पहचान दिलाई.
भारत-EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ को कैसे प्रभावी बनाए सरकार?
India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भारत के लिए बड़े अवसर लेकर आया है. यह निर्यात, निवेश और रोजगार बढ़ा सकता है, लेकिन कृषि, एमएसएमई और नीति-स्वायत्तता को लेकर जोखिम भी हैं.
सत्ता चलाने से लेकर विकास की नींव तक: लगभग 160 सालों में कितना बदला भारत का बजट । Explainer
हर साल बजट पेश होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बजट की शुरुआत कब और क्यों हुई? अंग्रेजों के दौर से लेकर आज के डिजिटल बजट तक, भारत के बजट ने सत्ता, नीति और आम आदमी की जिंदगी को कैसे प्रभावित किया.
केरल का ऐतिहासिक कदम : देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित बजट पेश
केरल ने देश में पहली बार वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से Elderly Budget पेश कर इतिहास रच दिया है. 2026-27 के बजट में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए Silver Economy और Care Economy को विकास की धुरी बनाया गया है.
शहीद दिवस 2026: कैसे शुरू हुई दो मिनट मौन की परंपरा
30 जनवरी को शहीद दिवस पर रखा जाने वाला दो मिनट का मौन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि है. जानिए कैसे फील्ड मार्शल के.एम. कारियप्पा के सुझाव और पंडित नेहरू की पहल से इस राष्ट्रीय परंपरा की शुरुआत हुई.
नोएडा में युवा टेकी की मौत: किसकी जिम्मेदारी?
नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने प्रशासनिक लापरवाही, निर्माण स्थलों की असुरक्षा और आपदा प्रबंधन की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम फेलियर का नतीजा माना जा रहा है, जिसकी जांच अब एसआईटी कर रही है.
Republic Day 1975: ना तालियां, ना रियायत, किरण बेदी ने हक से बदला इतिहास
26 साल की उम्र में किरण बेदी ने लिंगभेद के खिलाफ खड़े होकर इतिहास रच दिया. 26 जनवरी 1975 को उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस की पूरी पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व किया और साबित कर दिया कि नेतृत्व जेंडर नहीं, हौसले से तय होता है.
‘साठ पार के सुपरस्टार’: रिटायरमेंट के अवसाद से निकलने और दूसरी पारी को जीने का मैन्युअल
विजय सिंह की पुस्तक "साठ पार के सुपरस्टार" रिटायरमेंट के बाद सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने का मंत्र देती है. अखबार बेचने से लेकर नेशनल सेल्स हेड तक का सफर तय करने वाले लेखक ने अपनी इस किताब में बताया है कि कैसे 60 के बाद की 'बोनस उम्र' को एक सुपरस्टार की तरह जिया जा सकता है.
होमी भाभा की मौत या हत्या? भारतीय न्यूक्लियर कार्यक्रम के जनक का अनसुलझा रहस्य
24 जनवरी 1966 को एक विमान हादसे में भारत ने अपने 'न्यूक्लियर प्रोग्राम के जनक' होमी जहांगीर भाभा को खो दिया था. 117 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे को आज भी कई लोग एक सोची-समझी साजिश मानते हैं.







