‘साठ पार के सुपरस्टार’: रिटायरमेंट के अवसाद से निकलने और दूसरी पारी को जीने का मैन्युअल
विजय सिंह की पुस्तक "साठ पार के सुपरस्टार" रिटायरमेंट के बाद सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने का मंत्र देती है. अखबार बेचने से लेकर नेशनल सेल्स हेड तक का सफर तय करने वाले लेखक ने अपनी इस किताब में बताया है कि कैसे 60 के बाद की 'बोनस उम्र' को एक सुपरस्टार की तरह जिया जा सकता है.
होमी भाभा की मौत या हत्या? भारतीय न्यूक्लियर कार्यक्रम के जनक का अनसुलझा रहस्य
24 जनवरी 1966 को एक विमान हादसे में भारत ने अपने 'न्यूक्लियर प्रोग्राम के जनक' होमी जहांगीर भाभा को खो दिया था. 117 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे को आज भी कई लोग एक सोची-समझी साजिश मानते हैं.
355 वोट और एक नया इतिहास: लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद कैसे ‘गूंगी गुड़िया’ से ‘आयरन लेडी’ बनीं इंदिरा
19 जनवरी 1966 का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए एक क्रांतिकारी मोड़ था. लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद उपजे राजनीतिक शून्य को भरने के लिए कांग्रेस के भीतर पहली बार गुप्त मतदान के जरिए चुनावी जंग हुई. एक तरफ अनुभवी मोरारजी देसाई थे, तो दूसरी तरफ नेहरू की विरासत संभाल रहीं इंदिरा गांधी.
देवव्रत से भीष्म तक: त्याग, संकल्प और वीरता की कालजयी गाथा
‘देवव्रत- कालजयी योद्धा की वीरगाथा’ केवल महाभारत के एक महान पात्र की कथा नहीं, बल्कि त्याग, वचनबद्धता और चरित्र की ऐसी गूढ़ व्याख्या है, जो पाठक के अंतःकरण को छू जाती है. प्रभात सिन्हा द्वारा रचित यह कृति भीष्म पितामह को दैवी नहीं, बल्कि संवेदनशील मनुष्य के रूप में प्रस्तुत करती है.
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: क्या हो समाधान?
भारत में आवारा कुत्तों की समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 की सुनवाई में कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने राज्यों को मुआवजा देने की चेतावनी दी है और पशु प्रेमियों व कॉर्पोरेट जगत से सक्रिय समाधान की अपील की है. जानें क्या हैं नए नियम.
इलाहाबाद पैसेंजर: 90 के दशक के छात्र-जीवन का जीवंत दस्तावेज
यह उपन्यास उन संकरी गलियों और 75 पैसे वाली चाय की खुशबू की वापसी है, जहाँ भविष्य गढ़ा जाता था. 'इलाहाबाद पैसेंजर' महज़ एक कहानी नहीं, बल्कि 1990 के दशक के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उस दौर की जीवंत धड़कन है.
भारतीय पर्यावरण आंदोलन के महान संरक्षक थे माधव गाडगिल
प्रख्यात पर्यावरणविद् और इकोलॉजिस्ट माधव गाडगिल के निधन से भारतीय पर्यावरण आंदोलन को क्षति हुई है.
सोमनाथ: अमरता की ज्योति – 1000 वर्षों की पुनरुत्थान गाथा
वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए ऐतिहासिक वर्ष साबित होगा, क्योंकि इस पवित्र तीर्थ पर महमूद गजनी के प्रथम आक्रमण को 1,000 वर्ष पूरे हो रहे हैं.
कोशिकीय लय: सिद्धार्थ मुखर्जी की एक जीवंत वैज्ञानिक कथा
सिद्धार्थ मुखर्जी, पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक और ऑन्कोलॉजिस्ट, अपनी किताबों से विज्ञान को आम पाठकों के लिए इतना रोचक बना देते हैं कि वह महज तथ्यों का संग्रह न रहकर एक भावनात्मक यात्रा लगने लगती है.
रानी वेलु नाचियार: पहली वीरांगना, जिन्होंने अंग्रेजों से सीधी लड़ाई लड़ी
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नींव में वे अनगिनत नायिकाएं हैं जिन्होंने विदेशी हुकूमत को ललकारा. इनमें से एक प्रमुख नाम है रानी वेलु नाचियार का, जिन्हें 'वीरमंगई' (बहादुर महिला) के नाम से जाना जाता है.







