विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में आयोजित हुई सभा, पढ़िए प्रख्यात साहित्यकारों ने उनके योगदान को कैसे किया याद
विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति सभा में अशोक वाजपेयी बोले- लेखन और जीवन का अंतर मिटा दिया. सादगी, मासूमियत व प्रतिरोध की भाषा को याद किया गया. ज्ञानपीठ विजेता की विरासत मिली.
ललित नारायण मिश्र: स्वतंत्र भारत के पहले केंद्रीय मंत्री, 50 साल बाद भी अनसुलझी हत्या की गुत्थी
2 जनवरी, 1975 को समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर हुए बम धमाके ने भारत के तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र की जान ले ली. यह स्वतंत्र भारत में किसी केंद्रीय मंत्री की पहली हत्या थी.
21वीं सदी का पहला चौथाई: 2001 से 2025 तक की 25 प्रमुख घटनाएं
पिछली सवा सदी (2001-2025) उथल-पुथल से भरी रही. जहां तकनीक ने दुनिया को मुट्ठी में किया, वहीं आतंकवाद और महामारियों ने गहरी चोट दी. इस रिपोर्ट में 25 ऐसी घटनाओं का विवरण है जिन्होंने इतिहास रचा, जिसमें भारत की नई सामरिक नीति 'ऑपरेशन सिंदूर' भी शामिल है.
श्रीलाल शुक्ल की जन्म शताब्दी: राग दरबारी का अमर स्वर
श्रीलाल शुक्ल की जन्म शताब्दी पर उनकी कालजयी कृति राग दरबारी एक बार फिर हमें स्वतंत्र भारत के ग्रामीण जीवन, सत्ता, भ्रष्टाचार और नैतिक पतन का आईना दिखाती है.
30 दिसंबर: जब पहली बार स्वतंत्र भारतीय भूमि पर फहरा तिरंगा
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीपों की मुक्ति, 'शहीद' और 'स्वराज' के रूप में उनका नया नामकरण, और आजाद हिंद सरकार के इस साहसी कदम ने भारत की आजादी के संकल्प को कैसे मजबूत किया, जानें इसकी पूरी जानकारी.
आचार्य किशोर कुणाल: एक सुपरकॉप, विद्वान और राम भक्त की अमर स्मृति
74 वर्ष की आयु में दुनिया छोड़ने वाले इस महान व्यक्तित्व ने अपने जीवनकाल में पुलिस सेवा, सामाजिक कार्य, धार्मिक पुनरुत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में अकूत योगदान दिया. वे न केवल बिहार के एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि एक गहन विद्वान, दानवीर और राम भक्त के रूप में भी विख्यात थे.
Atomic Habits: छोटे बदलाव, असाधारण परिणाम
बड़े बदलाव छोटे-छोटे आदतों से आते हैं. जेम्स क्लियर की 'Atomic Habits' हमें यह समझाती है कि कैसे छोटे, लगातार प्रयास हमारी जिंदगी में असाधारण परिणाम ला सकते हैं.
बिहार की ‘आयरन लेडी’ जिसने 26 की उम्र में रचा इतिहास, जानें बिहार की पहली महिला सांसद नेता तारकेश्वरी सिन्हा की कहानी
बिहार की मिट्टी से निकलीं तारकेश्वरी सिन्हा भारतीय राजनीति का वह चमकता सितारा थीं, जिन्होंने मात्र 26 वर्ष की उम्र में संसद पहुँचकर इतिहास रच दिया.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 100 वर्ष
आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) अपने 100 वर्ष पूरे कर रही है. 26 दिसंबर, 1925 को कानपुर में स्थापित यह पार्टी मजदूरों, किसानों और वंचितों की आवाज बनकर उभरी.
साहिबजादों की वीरता: अमर बलिदान की कथा
गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह भारतीय इतिहास में अद्वितीय वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं. 26 दिसंबर को मनाया जाने वाला वीर बाल दिवस उनकी शहादत को नमन करने और आने वाली पीढ़ियों को साहस, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.







