अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी के समुद्री प्लेटफॉर्म ‘एस्ट्रो ऑफशोर’ ने अमेरिका की मशहूर इंजीनियरिंग फर्म ‘ओशनियरिंग इंटरनेशनल’ के साथ हाथ मिलाया है. इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य यूरोप के समुद्री और गहरे पानी (Subsea) के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना है. इस समझौते के जरिए अडाणी ग्रुप अब समंदर की गहराई में होने वाले जटिल इंजीनियरिंग कामों में अपनी ताकत दिखाएगा.
‘एस्ट्रो एटलस’ जहाज बढ़ाएगा कंपनी की ताकत
इस विस्तार योजना के तहत एस्ट्रो ऑफशोर ने अपने बेड़े में एक बेहद आधुनिक जहाज ‘एनर्जी सवाना’ को शामिल किया है, जिसे अब ‘एस्ट्रो एटलस’ के नाम से जाना जाएगा. यह एक ‘अल्ट्रा-डीपवाटर’ जहाज है, जो समंदर में 3,000 मीटर से भी ज्यादा की गहराई में काम कर सकता है. यह जहाज 150 टन क्षमता वाली सबसी क्रेन और 100 लोगों के रहने की सुविधा से लैस है. इसकी मदद से कंपनी समंदर के नीचे केबल बिछाने, पाइपलाइन इंस्टॉलेशन और निर्माण कार्य जैसे कठिन प्रोजेक्ट्स को आसानी से पूरा कर सकेगी.
6,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य
अदाणी पोर्ट्स का लक्ष्य केवल पोर्ट चलाना ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत समुद्री प्लेटफॉर्म बनाना है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2031 तक अपने जहाजों के बेड़े को बढ़ाकर 200 करने का लक्ष्य रखा है. इस पूरे विस्तार के लिए अदाणी ग्रुप ने करीब 13,000 करोड़ रुपये का निवेश (Capex) करने की योजना बनाई है. कंपनी को उम्मीद है कि इस समुद्री बिजनेस से उसे 6,000 करोड़ रुपये तक का सालाना राजस्व मिलेगा.
सरल शब्दों में कहें तो, अब तक अदाणी ग्रुप जहाजों को किनारे पर खड़ा करने (पोर्ट्स) का काम बड़े स्तर पर करता था. लेकिन अब इस नई साझेदारी के बाद वे समंदर की गहराई के भीतर तकनीकी काम भी करेंगे. ओशनियरिंग के पास रोबोटिक तकनीक (ROV) और इंजीनियरिंग का अनुभव है, जबकि अदाणी के पास जहाजों का बड़ा बेड़ा है. दोनों मिलकर यूरोप के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में बड़ी भूमिका निभाएंगे.
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