रिलायंस अनिल अंबानी समूह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए समूह की 1,021 करोड़ रुपये की नई संपत्तियों को अटैच कर लिया है. यह पूरा मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े कथित बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है. इस नई कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों में अब तक जब्त की गई कुल संपत्तियों का आंकड़ा बढ़कर 20,367 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
क्या है आरोप?
ED ने बताया कि इस घोटाले की शुरुआत CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद हुई थी, जो कई सरकारी और निजी बैंकों की शिकायतों पर आधारित थी. जांच में सामने आया है कि RHFL और RCFL द्वारा जुटाए गए आम जनता और बैंकों के करीब 15,548 करोड़ रुपये को अनिल अंबानी समूह के नियंत्रण वाली शेल कंपनियों के जाल में व्यवस्थित तरीके से डायवर्ट किया गया था.
इस बार जो संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास मौजूद रिलायंस पावर के इक्विटी शेयर और सासन पावर लिमिटेड व रिलायंस पावर से मिलने वाली कुछ लोन राशियां शामिल हैं.
8 अधिकारी गिरफ्तार
जांच एजेंसी इस ग्रुप के खिलाफ पीएमएलए और फेमा के तहत कई मोर्चों पर जांच कर रही है. अब तक 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें हाल ही में ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड के एक डायरेक्टर के घर हुई रेड भी शामिल है. वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने SIT का भी गठन किया है. इस घोटाले में अब तक अनिल अंबानी समूह के 8 वरिष्ठ अधिकारियों और करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल जेल में हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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