भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल अब इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) में कार्यकारी निदेशक के तौर पर कार्यभार संभालेंगे. केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को लेकर मंजूरी दे दी है. डॉ. उर्जित पटेल के कार्यकाल में ही भारत में नोटबंदी लागू किया गया था.
डॉ. उर्जित पटेल को केंद्र सरकार ने रघुराम राजन के बाद 2016 में भारतीय रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर के तौर पर नियुक्त किया था.
2018 में व्यक्तिगत कारणों के चलते दिया था इस्तीफा
डॉ. पटेल ने साल 2018 में व्यक्तिगत कारणों के चलते RBI गवर्नर के पद से इस्तीफा दे दिया था. इस तरह वो पहले ऐसे गवर्नर बने थे. जिन्होंने आरबीआई गवर्नर का पद व्यक्तिगत कारणों की वजह से छोड़ दिया.
सबसे कम दिनों तक RBI गवर्नर रहने का रिकॉर्ड
डॉ. उर्जित पटेल 1992 के बाद पहले गवर्नर बने जिसका सबसे कम दिनों का कार्यकाल रहा. उर्जित पटेल के कहने पर ही मोदी सरकार ने 2016 में नोटबंदी की थी.
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पीएम मोदी ने की थी नोटबंदी की घोषणा
8 नवंबर 2016 का दिन था. रात के 8 बजे थे. तभी अचानक सभी मीडिया चैनलों पर पीएम मोदी का देश को संबोधित भाषण चलने लगा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज रात 8 बजे के बाद देश में 500 और 1000 के नोट खत्म किये जाते हैं. उन्होंने इसका कारण देश में बढ़ रहे जाली नोट और काले धन पर नियंत्रण पाना बताया.
नोटबंदी के बाद देश में 500 और 1000 के नोटों बंद हो गए. जनता लाइन में खड़ी होकर नोट बदलवाने लगी. जिसका विपक्ष ने भी जमकर विरोध किया.
कुछ मीडिया चैनल्स ने बताया कि पीएम मोदी ने यह निर्णय तत्कालीन गवर्नर उर्जित पटेल के साथ मंत्रणा करके ली थी. इसकी योजना करीब 6 महीने पहले से ही शुरू हो गई थी. जिसकी जानकारी केवल कुछ ही लोगों को थी. जिसमें मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा, तत्कालीन RBI गवर्नर उर्जित पटेल, वित्त सचिव अशोक लवासा, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और वित्त मंत्री अरुण जेटली शामिल थे. योजना को लागू करने की प्रक्रिया दो महीने पहले शुरू हुई थी.
– भारत एक्सप्रेस
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