Real Estate News: साल 2025 भारत में रियल एस्टेट के लिए शानदार रहा. कंसल्टिंग फर्म जेएलएल के अनुसार भारत में इस साल 77 लेनदेन के माध्यम से कुल 10.4 बिलियन डॉलर तक संस्थागत निवेश पहुंचा. जो लगातार दूसरे साल रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन है. साल 2024 में यह आंकड़ा 8.9 बिलियन डॉलर था. जिसमें इस साल 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
जेएलएल की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्ष निवेश के अलावा लंबे समय के लिए की गई प्लेटफॉर्म प्रतिबद्धताओं ने भी सबका ध्यान खींचा. इनका आंकड़ा 11.43 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. खास बात यह रही कि लगभग पूरी रकम एक ही बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से आई. रिलायंस इंडस्ट्रीज, ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट और डिजिटल रियल्टी ट्रस्ट ने मिलकर “डिजिटल कनेक्शन” के नाम से डेटा सेंटर डेवलप करने का बड़ा दांव खेला है.
घरेलू निवेशकों की दमदार वापसी
2025 का सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कुल निवेश का 52 फीसदी हिस्सा अपने नाम किया. 2014 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब भारतीय निवेशक विदेशी पूंजी से आगे निकल गए. पिछले लगभग एक दशक तक बाजार पर विदेशी निवेशकों का दबदबा रहा, लेकिन अब तस्वीर बदलती दिख रही है.
इस बदलाव के पीछे दो अहम वजहें रहीं. पहली, REITs और InvITs ने करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया, जो प्रमुख संपत्तियों की खरीद का आधे से ज्यादा हिस्सा है. दूसरी, घरेलू प्राइवेट इक्विटी फंड्स ने भी कुल घरेलू निवेश में करीब 30 फीसदी का योगदान दिया. यह संकेत है कि भारत का कैपिटल मार्केट अब ज्यादा परिपक्व हो चुका है और लंबे समय की सोच के साथ फैसले ले रहा है.
विदेशी पूंजी भी बनी रही मजबूत
हालांकि कुल हिस्सेदारी के हिसाब से विदेशी निवेश थोड़ा पीछे दिखा, लेकिन रकम के लिहाज से विदेशी पूंजी में भी अच्छी बढ़त रही. सालाना आधार पर विदेशी निवेश करीब 18 फीसदी बढ़ा. खासतौर पर अमेरिका के निवेशकों ने बड़ा भरोसा दिखाया. 2024 में जहां उन्होंने 1.6 अरब डॉलर लगाए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.6 अरब डॉलर हो गया.
ऑफिस सेक्टर फिर बना स्टार
निवेश के नजरिये से बात करें तो ऑफिस स्पेस ने फिर से बाजी मारी है. करीब 6 अरब डॉलर के निवेश के साथ यह क्षेत्र सबसे आगे रहा. कुल संस्थागत निवेश का 58 फीसदी हिस्सा ऑफिस प्रॉपर्टीज में गया. इनमें से लगभग दो-तिहाई पैसा ऐसी संपत्तियों में लगाया गया जो पहले से किराया दे रही हैं और स्थिर आमदनी देती हैं. इसके साथ ही डेटा सेंटर, हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज और स्टूडेंट हाउसिंग जैसे नए सेक्टर भी तेजी से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं.
यह शहर बना हॉटस्पॉट
शहरों की बात करें तो बेंगलुरु 2025 का सबसे बड़ा निवेश हॉटस्पॉट बनकर उभरा. कुल संस्थागत निवेश का करीब 29 फीसदी अकेले इसी शहर में गया. मुंबई और एमएमआर क्षेत्र भी कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर और प्रीमियम कमर्शियल प्रॉपर्टीज के चलते निवेशकों की पसंद बने रहे. टियर-2 शहरों में भी हलचल दिखी, जहां करीब 175 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “डेटा सेंटर, छात्र आवास, जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य सेवा जैसे उभरते परिसंपत्ति वर्ग निवेशकों की रुचि बढ़ा रहे हैं, जो विविधीकरण और बदलते बाजार के अनुरूप निवेश करने की उनकी इच्छा को दर्शाते हैं. 2025 की सबसे बड़ी प्लेटफॉर्म प्रतिबद्धता मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड और डिजिटल रियल्टी ट्रस्ट इंक के 11.3 बिलियन डॉलर के संयुक्त उद्यम के माध्यम से डेटा सेंटरों के लिए स्थापित की गई थी, जो डिजिटल अवसंरचना क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश गतिविधि को उजागर करती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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