Maruti Suzuki Plant in Gujarat: गुजरात के हंसलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारुति सुजुकी के पहले बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्लांट का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने मारुति सुजुकी की इलेक्ट्रिक एसयूवी ‘ई-विटारा’ को हरी झंडी दिखाई, जो भारत में निर्मित होकर घरेलू बाजार के साथ-साथ यूरोप, जापान समेत 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाएगी. यह प्लांट मेक इन इंडिया पहल को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत को ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है.
प्लांट की क्षमता और विशेषताएं
हंसलपुर प्लांट मारुति सुजुकी की गुजरात इकाई का हिस्सा है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.5 लाख वाहन है. नया ईवी प्लांट ई-विटारा के लिए लिथियम-आयन बैटरी पैक का उत्पादन करेगा, जिसमें 49 kWh और 61 kWh के दो विकल्प उपलब्ध हैं. 49 kWh बैटरी 346 किमी की रेंज देगी, जबकि 61 kWh सिंगल-मोटर में 428 किमी और डुअल-मोटर में 412 किमी की रेंज प्रदान करेगी.
इस प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का उत्पादन भी शुरू हुआ है, जो तोशिबा, डेंसो और सुजुकी के संयुक्त उद्यम का परिणाम है. इसमें 80% से अधिक घरेलू सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा योगदान है. ई-विटारा की कीमत लगभग 20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) होने की उम्मीद है, और यह महिंद्रा बीई6, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और एमजी जेडएस ईवी जैसी कारों से मुकाबला करेगी.
ई-विटारा का डिजाइन और फीचर्स
ई-विटारा का डिजाइन आकर्षक है, जिसमें डुअल-टोन इंटीरियर, ब्राउन और ब्लैक शेड्स, नया टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, 10.1 इंच इंफोटेनमेंट स्क्रीन और 10.25 इंच इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर शामिल हैं. अन्य फीचर्स में लेदरेट सीट्स, फिक्स्ड ग्लास रूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 10-वे एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, स्लाइडिंग रियर सीट्स, 7 एयरबैग्स, लेवल-2 एडीएएस, 360-डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जिंग, कीलेस एंट्री और एम्बिएंट लाइटिंग हैं. बाहरी डिजाइन में थ्री-पॉइंट मैट्रिक्स एलईडी डीआरएल, पियानो ब्लैक एक्सेंट, 18-इंच अलॉय व्हील्स और रिवैंप्ड एलईडी टेललाइट्स हैं.
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मेक इन इंडिया, गुजरात की मेन्युफेक्चरिंग पावर
यह उद्घाटन मेक इन इंडिया को ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ में बदलने का प्रतीक है. हंसलपुर प्लांट का स्टॉकयार्ड, जहां सालाना उत्पादन का मात्र 2-3% (15,000-22,500 यूनिट्स) दिखाई देता है, गुजरात और भारत की विनि र्माण शक्ति का प्रभावशाली उदाहरण है. प्लांट न केवल ईवी उत्पादन बढ़ाएगा बल्कि रोजगार सृजन और निर्यात को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत वैश्विक ऑटोमोटिव हब बनेगा. यह पहल पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देगी और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करेगी.
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