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भारत में इक्विटी फंडरेजिंग के माध्यम से कंपनियां अपने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने, संचालन का विस्तार करने और उभरते हुए क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठाने के लिए तत्पर हैं.

भारत की पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात और आयात की स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है, लेकिन आगे आने वाले समय में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और राजनीतिक परिस्थितियों पर इसका असर पड़ सकता है.

इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का रहा जिसका AUM 2024 में 35% बढ़ा. यह जनवरी में 22.50 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में बढ़कर 30.35 लाख करोड़ रुपये हो गया.

वाणिज्य विभाग के अनुसार, नवंबर में सेवाओं का निर्यात माल की शिपमेंट से आगे निकल जाएगा. पिछले महीने सेवाओं का निर्यात अभी के लिए 35.7 बिलियन डॉलर होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि व्यापारिक या माल का निर्यात 32.1 बिलियन डॉलर रहा.

आईआईटी बॉम्बे के Techfest 2024 में विभिन्न देशों की तकनीकी और इनोवेशन का प्रदर्शन किया जा रहा है. उद्दघाटन समारोह में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अडानी का व्याख्यान मुख्य रहा.

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश 2025-26 तक 300 अरब डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और 1 लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था हासिल करने की राह पर है.

दिसंबर 2024 में आईपीओ की संख्या में तेजी आई है, जहां 11 कंपनियों ने लिस्टिंग की घोषणा की है और निवेश बैंकरों का अनुमान है कि साल के अंत तक 2-3 और आईपीओ लॉन्च हो सकते हैं. बाजार में तेजी ने कंपनियों को अपनी लिस्टिंग योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है.

इस रिकॉर्ड को बनाने में एप्पल ने प्रमुख भूमिका निभाई, जबकि सैमसंग दूसरे स्थान पर रहा. पिछले साल नवंबर में भारत से स्मार्टफोन निर्यात 10,600 करोड़ रुपये के करीब था.

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 8 दिसंबर तक 94,31,000 ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 13,422 करोड़ रुपये है. इनमें से 40,36,000 ऋण सड़क विक्रेताओं द्वारा चुका दिए गए हैं, और मध्य प्रदेश को इस योजना में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में स्थान मिला है.

भारत का निजी क्षेत्र दिसंबर 2024 में मजबूत वृद्धि दर्ज करता हुआ दिखा, जिसमें निर्माण और सेवा क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ. इस अवधि में रोजगार सृजन और नए व्यापार प्रवाह ने भारत की आर्थिक लचीलापन और सुधार को उजागर किया.