Parag Agrawal AI Startup Parallel Web Systems: कहते हैं कि वक्त का पहिया घूमता जरूर है और ट्विटर के पूर्व CEO पराग अग्रवाल ने इसे सच कर दिखाया है. 2022 में जब एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा था, तो सबसे पहला काम पराग अग्रवाल को कंपनी से बाहर निकालने का किया था. उस अपमानजनक विदाई के बाद पराग ने कोई शोर नहीं मचाया, कोई ट्वीट नहीं किया, बस अपनी मेहनत से एक ऐसी ‘AI सुनामी’ तैयार की जिसने आज पूरी दुनिया को हिला दिया है. पराग के नए स्टार्टअप ‘Parallel Web Systems’ ने महज 3 साल में 19,020 करोड़ की वैल्यूएशन हासिल कर मस्क के साम्राज्य को अपनी ताकत दिखा दी है.
मस्क ने निकाला तो कैसे खड़ा किया साम्राज्य?(Parag Agrawal AI Startup)
एलन मस्क ने जब पराग को निकाला था, तब मस्क के समर्थकों ने उन की काबिलियत पर सवाल उठाए थे. लेकिन पराग अग्रवाल ने शब्दों से नहीं, बल्कि अपने काम से जवाब दिया है. उनकी कंपनी ‘Parallel Web Systems’ ने हाल ही में $100 मिलियन की नई फंडिंग जुटाई है. अब इस कंपनी की कुल कीमत करीब 2 अरब डॉलर (19,020 करोड़ रुपये) हो गई है. यह उन सभी के लिए करारा जवाब है जो पराग को ‘बीते हुए कल’ का हिस्सा मान रहे थे.
दुनिया के दिग्गज निवेशकों ने लगाया पैसा
पराग अग्रवाल की विजनरी सोच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के सबसे बड़े वेंचर कैपिटलिस्ट उनकी कंपनी में पैसा लगाने के लिए लाइन लगाकर खड़े हैं. आईए जानते हैं किन दिग्गजों ने लगाया पैसा:
- इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व दिग्गज कंपनी Sequoia Capital ने किया.
- साथ ही Kleiner Perkins, Index Ventures और Khosla Ventures जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं.
- 2023 में शुरू हुई इस कंपनी ने अब तक कुल 230 मिलियन डॉलर का फंड जुटा लिया है.
क्या है ‘Parallel Web Systems’?
पराग की कंपनी कोई साधारण AI टूल नहीं बना रही, बल्कि यह AI एजेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. ये ऐसे स्मार्ट ‘सॉफ्टवेयर एजेंट’ हैं जो इंसानों की जगह कानूनी रिसर्च, फाइनेंशियल एनालिसिस और डेटा प्रोसेसिंग जैसे जटिल काम खुद कर सकते हैं.
यह भी बता दें कि ये सिर्फ पुराने डेटा को नहीं रटते, बल्कि इंटरनेट से रियल-टाइम जानकारी निकालकर बड़े-बड़े टास्क ऑटोमैटिक पूरे कर देते हैं. आसान भाषा में कहें तो, यह AI को ‘इंटरनेट का इस्तेमाल’ करना सिखा रही है.
Fortune 100 कंपनियां बनीं क्लाइंट
सिर्फ एक साल के भीतर पराग की इस कंपनी ने मार्केट पर कब्जा करना शुरू कर दिया है. आज Notion, Clay और Opendoor जैसी दिग्गज कंपनियां इनका प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर रही हैं. इतना ही नहीं, दुनिया के बड़े बैंक, हेज फंड और Fortune 100 कंपनियां भी अब पराग अग्रवाल की टेक्नोलॉजी पर भरोसा कर रही हैं. लीगल AI स्टार्टअप ‘Harvey’ भी इसी की तकनीक से खुद को स्मार्ट बना रहा है.
मस्क के ‘xAI’ को मिलेगी टक्कर?
जहाँ एलन मस्क अपनी कंपनी ‘xAI’ के जरिए दुनिया पर राज करना चाहते हैं, वहीं पराग अग्रवाल ने ‘एंटरप्राइज सेक्टर’ (बड़ी कंपनियों) में अपनी धाक जमा ली है. उनके “लॉन्ग-होराइजन” AI एजेंट्स बिना किसी इंसानी मदद के घंटों तक काम कर सकते हैं. यह तकनीक आने वाले समय में दफ्तरों में काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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