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घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई लंबी छलांग, Israel-Iran संघर्षविराम बना बड़ी वजह!

Share Market Rises: घरेलू शेयर बाजार में आज भारी तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी ने लंबी छलांग लगाई, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा और रुपया भी मजबूत हुआ.

share market rises

Share Market Rises: मंगलवार यानी 24 जून 2025 को घरेलू शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. शुरुआत से ही बाजार में जोश भरा माहौल रहा और निवेशकों ने जमकर खरीदारी की. सेंसेक्स करीब 930 अंक चढ़कर 82,827.49 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 278 अंक उछलकर 25,250.85 पर पहुंच गया. इस तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है और बाजार में नई उम्मीदें जगा दी हैं.

सेंसेक्स और निफ्टी की रफ्तार बनी रही तेज

सुबह बाजार खुलते ही खरीदारी का जबरदस्त माहौल देखने को मिला. निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई दिया और बड़े-बड़े शेयरों में तेज देखी गई. खासकर बैंकिंग, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी सेक्टर में बढ़िया खरीदारी हुई.

लार्ज कैप कंपनियों के साथ-साथ मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी उत्साह दिखा. कारोबार की शुरुआत से लेकर दोपहर तक सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी बढ़त को बनाए रखा, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाजार को घरेलू आर्थिक संकेतों और वैश्विक माहौल से अच्छा सपोर्ट मिला है.

ऐसा माना जा रहा है कि विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी और अमेरिकी बाजार में स्थिरता का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा है. इसके अलावा, कुछ बड़े कॉर्पोरेट नतीजों और आगामी बजट से पहले की उम्मीदों ने भी बाजार की रफ्तार को बढ़ावा दिया है.

Israel-Iran संघर्षविराम बना बड़ी वजह

शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे राष्ट्रपति ट्रंप का दावा माना जा रहा है. अपने दावे में ट्रंप ने कहा कि इजरायल और ईरान के बीच संघर्षविराम को लेकर समझौता हो गया है. दरअसल ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा- अगले 12 घंटों में इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर संघर्षविराम लागू हो जाएगा.

डॉलर के मुकाबले रुपया भी हुआ मजबूत

शेयर बाजार की तेजी के साथ-साथ रुपये में भी आज मजबूती देखने को मिली. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 65 पैसे मजबूत होकर 86.10 के स्तर पर पहुंच गया.

रुपये की इस मजबूती के पीछे कई वजहें हैं. एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कुछ नरम पड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की भारत में बढ़ती दिलचस्पी ने भी रुपये को सहारा दिया है.

इससे यह उम्मीद की जा सकती है कि अगर आने वाले दिनों में भी वैश्विक हालात स्थिर रहे तो रुपया और मजबूत हो सकता है, जिससे भारत का आयात खर्च थोड़ा कम होगा और आम आदमी को राहत मिल सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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