India US Trade: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसले के बाद भारत पर अब कितना टैरिफ लगेगा? यह सवाल इन दिनों व्यापारियों और अर्थशास्त्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ नीति को कोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया है. इसके बाद ट्रंप ने तुरंत 10% का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है. आइए समझते हैं पूरी कहानी.
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ
ट्रंप ने पिछले साल अप्रैल में दुनिया भर पर टैरिफ लगाना शुरू किया था. भारत पर सबसे पहले 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया. फिर अगस्त में रूसी तेल खरीदने के कारण इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया. ट्रंप ने कहा कि भारत रूस की मदद कर रहा है. इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया और ट्रेड डील की बातें अटक गईं.

भारत को ट्रेड डील से राहत
हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति बनी. ट्रंप ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया. ट्रंप का दावा था कि भारत रूसी तेल की खरीद कम करेगा या बंद करेगा. भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने का वादा भी किया. इससे टैरिफ में बड़ी कमी आई और निर्यातकों को राहत मिली.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से झटका
20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया. शांति के समय राष्ट्रपति ऐसे व्यापक टैरिफ नहीं लगा सकता. कोर्ट ने इसे गैरकानूनी बताया. यह ट्रंप के लिए बड़ा झटका है. इससे पहले लगाए गए टैरिफ का कानूनी आधार खत्म हो गया.

अब भारत पर कितना टैरिफ?
कोर्ट के फैसले से 18% टैरिफ का आधार खत्म हो गया. पहले भारत मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) दर्जे के तहत सिर्फ 3.5% टैरिफ देता था. लेकिन ट्रंप ने तुरंत धारा 122 के तहत 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया. यह 150 दिनों के लिए है. व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि भारत समेत सभी देशों पर फिलहाल 10% टैरिफ लागू होगा. ट्रंप ने कहा कि भारत पर 18% ही रहेगा, लेकिन व्हाइट हाउस का कहना है कि कानूनी रूप से 10% ही लगेगा. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कुल मिलाकर 13.5% (3.5% + 10%) हो सकता है.
ट्रंप के फैसले का ट्रेड पर असर
यह फैसला भारत के निर्यात को प्रभावित कर सकता है. कपड़े, दवाइयां, कीमती पत्थर जैसे सामान पर असर पड़ सकता है. भारत सरकार इस पर नजर रख रही है. व्यापार मंत्रालय और विदेश मंत्रालय जल्द स्पष्टता दे सकते हैं. ट्रंप की नीति से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है.
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