कोरोना काल में लोन एप, फर्जी निवेश ऐप और फर्जी ऑनलाइन नौकरी देने का झांसा देकर 1000 हजार करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड 2 चीनी नागरिकों के खिलाफ सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया है. सीबीआई का आरोप है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी बल्कि आरोपियों के द्वारा संचालित किए जा रहे साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा था.
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक चीनी नागरिक वान जून और ली आनामिंग कंपनी और बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए भारत आए थे, और शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना करने के बाद वापस अपने देश चले गए तथा वही से अपने कार्यों के अंजाम देते रहे.
निवेशकों को लगा करोड़ों का चूना
अधिकारियों के मुताबिक शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने कोरोना काल में HPZ टोकन नामक एप्लीकेशन के जरिए कथित तौर पर देश के नागरिकों को धोखा दिया गया,कंपनी का दावा था कि पैसे का इस्तेमाल क्रिप्टो करेंसी माइनिंग के लिए किया जाएगा जिससे निवेशकों को मोटा मुनाफा होगा.
सीबीआई के जांच मैं एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है , जिसमें 2 चीनी नागरिकों समेत 29 आरोपी , 30 संस्थाएं तथा तीन कंपनियों के इस महाघोटाले मैं साबित होने के साक्ष्य मिले हैं, साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दायर किया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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