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गुजरात में 1 करोड़ की ‘व्हेल उल्टी’ जब्त, होटल पर रेड में पकड़ा गया आरोपी

Ambergris Seizure Gujarat: गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद जिले के ढोलेरा के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.01 करोड़ रुपये कीमत की एम्बरग्रीस जब्त की है. एम्बरग्रीस को आम बोलचाल में व्हेल की उल्टी भी कहा जाता है. पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

Ambergris Seizure Gujarat

Ambergris Seizure Gujarat

Ambergris Seizure Gujarat: गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद जिले के ढोलेरा के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.01 करोड़ रुपये कीमत की एम्बरग्रीस जब्त की है. एम्बरग्रीस को आम बोलचाल में व्हेल की उल्टी भी कहा जाता है. पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

यह कार्रवाई गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने की. राज्य में गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए डीजीपी जीएस मलिक के निर्देश पर यह ऑपरेशन चलाया गया था. इसी कड़ी में पुलिस इंस्पेक्टर एजे चौहान और उनकी टीम को अहमदाबाद-भावनगर हाईवे पर पिपली गांव के पास संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिली.

रेड मारकर आरोपी को किया गिरफ्तार

सूचना के आधार पर टीम ने पिपली गांव के पास स्थित राज चामुंडा होटल पर रेड मारी. इस दौरान पुलिस ने ढोलेरा तालुका के पिपली गांव निवासी मेहुल चौहान को पकड़ लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से अलग-अलग आकार और साइज के पांच सख्त टुकड़े बरामद हुए. इन टुकड़ों का रंग सफेद, क्रीम और सुनहरे-भूरे रंग जैसा था.

बरामद सामग्री को देखकर पुलिस को शक हुआ कि यह एम्बरग्रीस हो सकती है. इसके बाद वन विभाग और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया. शुरुआती जांच में इन टुकड़ों की पहचान एम्बरग्रीस के रूप में हुई.

1 करोड़ से ज्यादा है कीमत

इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर वजन करने पर पांचों टुकड़ों का कुल वजन 1.01 किलोग्राम निकला. पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.01 करोड़ रुपये बताई है. सैंपल जांच के लिए भेजने के बाद पुलिस ने नकदी समेत कुल 1,01,01,820 रुपये की संपत्ति जब्त की.

इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 106 के तहत जब्ती की कार्रवाई की गई, जबकि धारा 35(1)(ई) के तहत मेहुल चौहान को हिरासत में लिया गया.

पूछताछ में आरोपी मेहुल चौहान ने पुलिस को बताया कि करीब दो महीने पहले वह भावनगर की एक डायमंड पॉलिशिंग यूनिट में काम कर रहा था. इसी दौरान फैक्ट्री के एक कर्मचारी पवन कोली ने उसे एम्बरग्रीस अपने पास रखने के लिए कहा था. पवन कोली भावनगर के करचलिया पारा का रहने वाला बताया जा रहा है.

कमीशन के खेल में फंसा आरोपी

मेहुल ने दावा किया कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि एम्बरग्रीस बिकने के बाद उसे कमीशन मिलेगा. इसके बाद वह इस सामान को अपने पैतृक गांव पिपली ले आया था.

जांचकर्ताओं के मुताबिक, मेहुल ने बताया कि भावनगर के कुंभारवाला निवासी प्रवीण चौहान, जो पवन कोली का दोस्त है, ने उसे जानकारी दी थी कि एम्बरग्रीस के लिए खरीदार मिल गया है. इसी आधार पर वह खेप सौंपने के लिए जा रहा था. मेहुल का आरोप है कि वह यह सामान प्रवीण चौहान और भावनगर के ही रहने वाले एक अन्य मेहुल नाम के व्यक्ति को देने वाला था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया.

बेहद दुर्लभ माना जाता है एम्बरग्रीस

एम्बरग्रीस बेहद दुर्लभ पदार्थ माना जाता है. यह स्पर्म व्हेल के पाचन तंत्र में बनता है और समुद्र में लंबे समय तक तैरने के बाद कठोर रूप ले लेता है. ऐतिहासिक रूप से इसका इस्तेमाल महंगे परफ्यूम में फिक्सेटिव के तौर पर किया जाता रहा है, क्योंकि यह खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है.

इसके अलावा एम्बरग्रीस का इस्तेमाल अगरबत्ती, खुशबूदार तेल और लग्जरी फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स में भी किया जाता रहा है. कुछ संस्कृतियों में इसे दवा और कामोत्तेजक पदार्थ के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था. हालांकि भारत में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कानूनों के तहत इससे जुड़ा कारोबार गैर-कानूनी माना जाता है.

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फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि एम्बरग्रीस की यह खेप कहां से आई, इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसे किसे बेचा जाना था.

-भारत एक्सप्रेस



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