Dahanu Crime News: महाराष्ट्र के वर्ष 2021 में डहाणू क्षेत्र को झकझोर देने वाले 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म, हत्या और शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमले के चर्चित मामले में पालघर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने दोषी करार दिए गए आरोपी को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
हंसिया से हमला कर मासूम की ली थी जान
यह सनसनीखेज घटना 27 सितंबर 2021 की है. डहाणू तहसील के वांगडपाडा (रानशेत) निवासी 50 वर्षीय आरोपी प्रमुल उर्फ प्रफुल्ल रत्ना घोषे ने पानी की टंकी के पास झाड़ियों में 8 साल की मासूम बच्ची को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया था. दुष्कर्म के बाद आरोपी ने हंसिया (कोयता) से बच्ची के सिर, गर्दन और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी.
घटना के दौरान जब शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचा, तो आरोपी ने उस पर भी जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था. इस मामले में डहाणू पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 302, 307, 376, 377 और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.
24 गवाहों की गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा
मामले की जांच तत्कालीन उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (बोईसर) नित्यानंद झा (IPS) ने की थी. उन्होंने मजबूत वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट दाखिल की थी.
अदालत में सुनवाई के दौरान कुल 24 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. सभी गवाहों और पक्के सबूतों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ए.आर. रहाणे ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302, 307, 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत ‘अंतिम सांस तक फांसी’ की सजा सुनाई.
अदालत ने आरोपी पर ₹75,000 का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना न भरने पर आरोपी को डेढ़ साल के साधारण कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. इस केस में विशेष सरकारी वकील रेखा हिवराले और पैरवी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
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