रवि शंकर शर्मा/बेगूसराय: बिहार के बेगुसराय के फुलवरिया थाना क्षेत्र के शोकहरा-2 कलमबाग से तीन तलाक का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां एक महिला को उसके पति ने मोबाइल के व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तीन तलाक दे दिया. पीड़िता ने बताया कि शादी के तीन महीने बाद ही ससुराल वालो ने 5 लाख रुपये दहेज की मांग करना शुरू कर दिया. मांग पूरी नहीं करने पर उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना भी की गई. पिछले 2 सालों से वह थाना के चक्कर लगा रही है, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही.
क्या है पूरा मामला?
बेगूसराय से तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला को उसके पति ने मोबाइल के व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तीन तलाक दे दिया. पीड़िता अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है. मामला फुलवरिया थाना क्षेत्र के शोकहरा-2 कलमबाग का है. पीड़िता रुकसाना खातून ने बताया कि 11 मार्च 2022 को उसकी शादी पोखरिया निवासी मोहम्मद मकबूल से हुई थी. निकाह के समय 51 हजार रुपये मेहर और दो भर सोना दिया गया था.
पैसों की वसूली का आरोप
पीड़िता के अनुसार, शादी के तीन महीने बाद ही ससुराल पक्ष ने 5 लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी. मांग पूरी नहीं करने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई तथा उसे घर से निकाल दिया गया. समाज के हस्तक्षेप के बाद पति उसे वापस ले गया और दिल्ली लेकर चला गया. रुकसाना का आरोप है कि दिल्ली में कारोबार के नाम पर पति ने उसकी मां से 5 लाख रुपये लिए. इसके लिए उसकी मां ने गहने गिरवी रखे और कर्ज लिया.
इतना ही नहीं, बेटी के नाम पर बैंक में जमा 1 लाख 40 हजार रुपये की एफडी भी तुड़वा ली गई. पीड़िता का दावा है कि अब तक उसके परिवार से 16 से 17 लाख रुपये लिए जा चुके हैं.
हमला और धमकी का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि पैसे वापस मांगने पर उसके मायके पर हमला कराया गया, जिसमें वह और उसका भाई घायल हो गए. अस्पताल में डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना देने की सलाह दी, लेकिन पति ने माफी मांगकर मामला शांत करा दिया. जून 2023 में बेटे के जन्म के बाद कथित तौर पर प्रताड़ना और बढ़ गई. पीड़िता का आरोप है कि पति ने फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे देह व्यापार में धकेलने तक की बात कही. जब उसने साथ रहने की इच्छा जताई, तो उस पर हलाला की शर्त रखी गई.
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
रुकसाना का दावा है कि 20 फरवरी 2024 को उसके पति ने व्हाट्सएप पर ‘तीन तलाक’ लिखकर तलाक दे दिया. इसके बाद 17 मार्च 2024 को मैसेज के जरिए दूसरी शादी करने की जानकारी भी दी गई. देवर द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है. पीड़िता का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला. कभी फुलवरिया थाना तो कभी महिला थाना भेजा जाता है.
उसका आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद पति के दबाव में उस पर ही चोरी का मामला दर्ज कर दिया गया. उसके वकील अभिषेक जायसवाल का कहना है कि गंभीर धाराएं नहीं लगाई गईं और मामले में लापरवाही बरती गई.
प्रशासन पर उठे सवाल
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या ममता कुमारी ने बताया कि मोबाइल पर तीन तलाक देने का मामला संज्ञान में लिया गया है और संबंधित पुलिस पदाधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है. पुलिस ने दो दिन का समय मांगा है. उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता की जरूरत है और जागरूकता से ही तीन तलाक जैसी कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है.फिलहाल, इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. अब देखना होगा कि पीड़िता को न्याय कब तक मिल पाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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