Delhi Government: दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ा रहे सैकड़ों पार्टटाइम वोकेशनल टीचर्स (PTV) के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है.
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इन शिक्षकों की सेवाओं को मार्च 2026 तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है.
इसी के साथ ही इनका वेतन भी बढ़ा दिया गया है. सरकार ने इस पूरी योजना के लिए करीब 36 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया है.
छात्रों को अब नहीं होगी स्किल एजुकेशन की टेंशन
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले उन छात्रों को मिलेगा जो स्किल बेस्ड यानी व्यावसायिक शिक्षा ले रहे हैं.
लंबे समय से ये पार्टटाइम शिक्षक छात्रों को हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, रिटेल, हेल्थ और आईटी जैसे क्षेत्रों की ट्रेनिंग दे रहे हैं. अब इनकी नौकरी पक्की नहीं तो स्थिर जरूर हो गई है, कम से कम अगले दो साल तक तो कोई टेंशन नहीं.
शिक्षा विभाग ने उपराज्यपाल को भेजा था प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने उपराज्यपाल के पास जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें कुल 410 शिक्षकों के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने की बात कही गई थी. इनमें 402 पूरी तरह योग्य माने गए, जबकि 8 कुछ शर्तों के अधीन हैं.
इसके अलावा, हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म से जुड़े दो अन्य टीचर्स के कॉन्ट्रैक्ट को भी अलग से फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है. और जो चार सहायता प्राप्त वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं, उनमें काम कर रहे 9 वोकेशनल टीचर्स भी अगले शैक्षणिक साल तक अपनी सेवाएं देते रहेंगे.
1970 से चल रहा है ये सिलसिला
पार्टटाइम वोकेशनल टीचर्स (PTV) की शुरुआत कोई नई बात नहीं है. दिल्ली में 1970 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती वर्षों में इनकी नियुक्ति शुरू हुई थी.
इसका मकसद साफ था, छात्रों को सिर्फ किताबें रटवाने के बजाय उन्हें ऐसा हुनर सिखाना जिससे वो जिंदगी में कुछ कर सकें. आज ये टीचर CBSE के NSQF फ्रेमवर्क के तहत कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग दे रहे हैं.
फिलहाल दिल्ली सरकार के स्कूलों में 505 वोकेशनल टीचर्स काम कर रहे हैं, जिनमें से 410 शिक्षक कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. बाकी 95 शिक्षक अस्थायी पदों पर हैं, जिनकी नियुक्ति हर साल नए सिरे से होती है.
क्यों लिया गया ये फैसला?
दिल्ली में फिलहाल नए शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही, वहीं बड़ी संख्या में पुराने शिक्षक रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में ये ज़रूरी हो गया है कि जो अनुभवी शिक्षक पहले से सिस्टम में हैं, उन्हें बनाए रखा जाए ताकि स्किल बेस्ड पढ़ाई की रफ्तार न थमे.
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-भारत एक्सप्रेस
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