Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

IPS के बाद बनना चाहते हैं IG, तो दिल्ली में लगानी होगी हाजिरी, जानें क्या है नया नियम?

खाकी के गलियारों में अब ‘सेंट्रल एक्सपीरियंस’ जरूरी हो गया है. गृह मंत्रालय ने IPS कैडर के नियमों में बदलाव करते हुए 2 साल की केंद्र सेवा को अनिवार्य कर दिया है. यह नियम IAS की तर्ज पर लागू किया गया है.

IPS New Rules, Ministry of Home Affairs

IPS New Rules: भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो यह मानते हैं कि खाकी वर्दी में ऊंचे पदों पर पहुंचना सिर्फ अनुभव का खेल है, तो अब गृह मंत्रालय (MHA) ने इस खेल के नियम बदल दिए हैं.

अब दिल्ली में बड़े ओहदों पर बैठने के लिए अधिकारियों को सिर्फ राज्यों में ही नहीं, बल्कि केंद्र में भी अपनी काबिलियत साबित करनी होगी.

क्या है नया नियम?

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आदेश के मुताबिक, अब IPS अधिकारियों को केंद्र में इंस्पेक्टर जनरल या उसके समकक्ष पदों पर नियुक्त होने से पहले एक अनिवार्य शर्त पूरी करनी होगी.

नियम यह है कि इन अधिकारियों को अपने करियर के दौरान कम से कम 2 साल केंद्र सरकार में डेप्युटेशन पर बिताने होंगे. यह अनुभव उन्हें सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस या डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के स्तर पर हासिल करना होगा.

2011 बैच से लागू होगा फरमान

मंत्रालय ने साफ किया है कि यह नया नियम 2011 बैच और उसके बाद के सभी IPS अधिकारियों पर लागू होगा. 28 जनवरी को जारी किए गए इस आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए अधिकारियों के पास राष्ट्रीय स्तर का गहरा अनुभव होना बेहद जरूरी है. अभी तक कई बार देखा गया था कि अधिकारी राज्यों में ही अपनी सेवा पूरी कर लेते थे और केंद्र की कार्यप्रणाली से उतने वाकिफ नहीं होते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा.

ये भी पढ़ें- Union Budget 2026: क्या इस बार शिक्षा और नौकरी के मोर्चे पर खुलेगी युवाओं की किस्मत? जानिए क्या हैं बड़ी उम्मीदें

IAS की तर्ज पर IPS का नया ढांचा

दिलचस्प बात यह है कि यह नियम पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के लिए लागू था, लेकिन IPS कैडर में इसकी कमी खल रही थी. सरकार का मानना है कि जो अधिकारी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) या इंटेलिजेंस जैसे विभागों में जमीनी स्तर पर काम करके आएंगे, वे ऊपर बैठकर सुरक्षा और इंटेलिजेंस से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले सकेंगे.

राज्यों को दी गई कड़ी हिदायत

गृह मंत्रालय ने इस आदेश की कॉपी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGsP) को भेज दी है. अब राज्यों को अपनी प्रमोशन पॉलिसी और डेप्युटेशन की प्लानिंग इसी हिसाब से करनी होगी. सरकार ने पारदर्शिता बरतते हुए इस आदेश को आधिकारिक IPS वेबसाइट के “What’s New” सेक्शन में भी डाल दिया है.

सीधे शब्दों में कहें तो सरकार अब ऐसे ‘लीडर्स’ तैयार करना चाहती है जिनके पास सिर्फ अपने जिले या राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था का प्रैक्टिकल अनुभव हो.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital