Free Scooty Scheme: उत्तर प्रदेश में छात्राओं की उच्च शिक्षा को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ को औपचारिक मंजूरी मिल गई है. इस महत्वाकांक्षी योजना का सीधा मकसद उन मेधावी छात्राओं की राह आसान करना है, जिन्हें अक्सर कॉलेज आने-जाने या दूर-दराज के इलाकों से सफर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. बता दें कि हालिया कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों के कुल 16 प्रस्तावों पर मुहर लगी लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इसी मुफ्त स्कूटी योजना की हो रही है.
किन छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी?
सरकार ने इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं. योजना का फायदा उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है और वे अपने संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी में टॉप 5 प्रतिशत मेधावियों में शामिल हैं.
इसके साथ ही छात्रा के परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. दिव्यांग छात्राओं, शहीदों की बेटियों और निराश्रित परिवारों की बेटियों को इसमें विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. इनके लिए आय सीमा के नियमों में ढील भी दी जाएगी. आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना और राज्य के ही किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज से पढ़ाई पूरा करना अनिवार्य है.
पेट्रोल और हेलमेट भी मिलेगा मुफ्त
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने योजना के विवरण साझा करते हुए बताया कि सरकार सिर्फ वाहन ही नहीं दे रही, बल्कि उससे जुड़े अन्य खर्च भी खुद उठाएगी.
प्रत्येक लाभार्थी छात्रा को स्कूटी के साथ:
- आरटीओ रजिस्ट्रेशन और वाहन बीमा का खर्च सरकार खुद वहन करेगी.
- सुरक्षा के लिहाज से एक हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज दी जाएंगी.
- पहली बार चलाने के लिए 5 लीटर पेट्रोल भी मुफ्त दिया जाएगा.
ये भी पढे़ं- मेरठ जेल के एक ही बैरक में रखी गईं 5 कातिल पत्नियां, नीले ड्रम की मुस्कान से लेकर सांप से डसवाने वाली आरोपी शामिल
इलेक्ट्रिक के बजाय पेट्रोल स्कूटी ही क्यों?
अक्सर सवाल उठता है कि आज के दौर में इलेक्ट्रिक स्कूटी क्यों नहीं दी जा रही? इस पर शिक्षा मंत्री ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंपों का नेटवर्क और सर्विसिंग की सुविधाएं बहुत व्यापक और आसानी से उपलब्ध हैं. ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में छात्राओं को चार्जिंग की समस्या न झेलनी पड़े, इसीलिए पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी देने का व्यावहारिक फैसला लिया गया है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

