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असम में मतगणना के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू, केंद्रों पर कड़ी निगरानी

Assam Election Counting: असम विधानसभा चुनाव की मतगणना सोमवार को होनी है. इससे पहले राज्य में सुरक्षा और प्रशासन की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

Assam Election Counting

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Assam Election Counting: असम विधानसभा चुनाव की मतगणना सोमवार को होनी है. इससे पहले राज्य में सुरक्षा और प्रशासन की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मतगणना के लिए कई केंद्रों पर तीन-स्तरीय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. लखीमपुर जिले में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां पांच विधानसभा क्षेत्रों की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें लखीमपुर गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में कड़ी निगरानी में रखी गई हैं.

लखीमपुर के डिप्टी कमिश्नर आदित्य विक्रम यादव ने कहा कि मतगणना की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती शुरू होगी. इसके बाद सुबह 8:30 बजे से ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू की जाएगी.

हर निर्धारित केंद्र पर 14 मतगणना टेबल

जिले में मतगणना प्रक्रिया को आसान और समय पर पूरा करने के लिए हर निर्धारित केंद्र पर 14 मतगणना टेबल भी लगाई गई हैं. ऊपरी असम के शिवसागर जिले में प्रशासन ने डेमो, शिवसागर और नाजिरा विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए 391 कर्मचारियों को तैनात किया है.

डाक मतपत्रों की गिनती के लिए अलग हॉल और विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि चुनाव आयोग के नियमों का पूरी तरह पालन हो सके. अन्य जिलों में भी जिला प्रशासन ने मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों ने दिनभर तैयारियों की समीक्षा की.

मतगणना केंद्रों के आसपास आवाजाही पर पाबंदी

कुछ संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और मतगणना केंद्रों के आसपास आवाजाही नियंत्रित करने के लिए पाबंदियां भी लगाई गई हैं.

9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष के कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन, दोनों के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

126 सदस्यीय असम विधानसभा में एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने व्यापक विपक्षी गठबंधन बनाकर कड़ी चुनौती देने का दावा किया है.

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

मतगणना से एक दिन पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं. उम्मीदवार, पार्टी नेता और समर्थक सभी विधानसभा क्षेत्रों में हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.

सुरक्षा एजेंसियों को नतीजों की घोषणा के बाद भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. मतदान के बाद जारी कई एग्जिट पोल में एनडीए को बढ़त दिखाई गई है. इनमें से कई सर्वे में भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन को आरामदायक बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है.

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हालांकि, विपक्षी दलों ने इन अनुमानों को खारिज करते हुए दावा किया है कि अंतिम नतीजे उनके पक्ष में आएंगे.

-भारत एक्सप्रेस



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