Kerala Election 2026: दक्षिण भारत के चुनावी समर में आज यानी 6 अप्रैल 2026 को ‘सुपर मंडे’ का नजारा दिखने वाला है. केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपनी पूरी ताकत झोंकने जा रहे हैं. आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है, जिसे शाह एक बड़े चुनावी उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी में हैं.
तिरुवनंतपुरम में स्थापना दिवस का संकल्प
अमित शाह के आज के व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से होगी. वे सुबह 10 बजे भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुँचेंगे, जहाँ वे पार्टी का झंडा फहराकर स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर शाह केरल के हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और उन्हें ‘मिशन 2026’ के तहत हर बूथ पर कमल खिलाने का विजय मंत्र देंगे.
कोच्चि से चेन्नई और पुडुचेरी की उड़ान
केरल में अपना संगठनात्मक कार्यक्रम पूरा करने के बाद अमित शाह कोच्चि के लिए प्रस्थान करेंगे. आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर 3:15 बजे एक निजी विमान से चेन्नई हवाई अड्डे पहुँचेंगे. यहाँ से वे बिना किसी देरी के एक निजी हेलीकॉप्टर में सवार होकर पुडुचेरी के लिए रवाना हो जाएंगे, जहाँ शाम को उनकी एक विशाल जनसभा प्रस्तावित है.
पुडुचेरी में एनडीए का चुनावी शंखनाद
पुडुचेरी पहुँचने के बाद अमित शाह राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों के पक्ष में अपनी अंतिम चुनावी ललकार भरेंगे. वे यहाँ एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसे मतदान से ठीक पहले मतदाताओं को गोलबंद करने के लिए भाजपा का सबसे बड़ा दांव माना जा रहा है. शाह की इस रैली से एनडीए गठबंधन को राज्य की महत्वपूर्ण सीटों पर बढ़त मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
चेन्नई में ‘रणनीतिक’ गुप्त बैठक
पुडुचेरी में अपना चुनावी मिशन पूरा करने के बाद अमित शाह शाम करीब 6:10 बजे दोबारा चेन्नई हवाई अड्डे लौटेंगे. यहाँ वे हवाई अड्डे के पुराने परिसर में स्थित वीआईपी लाउंज में कुछ समय बिताएंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान तमिलनाडु भाजपा के वरिष्ठ नेता उनसे मुलाकात करेंगे, जहाँ आगामी चुनाव की रणनीतियों और सीटों के समन्वय पर गोपनीय चर्चा होगी.
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अमित शाह का आज का यह तूफानी दौरा भाजपा के ‘मिशन साउथ’ के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है. स्थापना दिवस के जोश को चुनावी वोट में बदलने की शाह की यह रणनीति कितनी कारगर होगी, यह 9 अप्रैल की वोटिंग और 4 मई के नतीजों से साफ हो जाएगा. फिलहाल, शाह के इस दौरे ने दक्षिण की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है.
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