Ghooskhor Pandit Controversy: नेटफ्लिक्स (Netflix) पर आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ (Ghooskhor Pandat) को लेकर पूरे देशभर में बवाल मचा हुआ है. एक ओर अभिनेता मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लखनऊ के हजरतगंज थाने में वेब सीरिज के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ समाज में सौहार्द बिगाड़ने, जातिगत भावनाओं को आहात करने और शांति भंग करने के प्रयास के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
अब इस पूरे मामले में फिल्म में लीड रोल निभा रहे अभिनेता मनोज बाजपेयी की भी एंट्री हो गई है. एक्टर ने कहा कि लोगों द्वारा साझा की गई भावनाओं और चिंताओं का वह सम्मान करते हैं और उन्हें गंभीरता से लेते हैं. इसके साथ ही मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया के जरिए डायरेक्टर नीरज पांडे का भी समर्थन किया है.
एक्टर मनोज बाजपेयी ने क्या कहा?
‘घूसखोर पंडत’ के लीडरोल में देख जाने वाले अभिनेता मनोज बाजपेयी ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “लोगों द्वारा साझा की गई भावनाओं और चिंताओं का मैं सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं. जब आप जिस चीज का हिस्सा होते हैं, उससे कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो यह आपको रुककर उनकी बात सुनने के लिए मजबूर कर देता है.”
I respect the emotions and concerns people have shared, and I take them seriously. When something you are part of causes hurt to some people, it makes you pause and listen.
As an actor, I come to a film through the character and the story I am playing. For me, this was about… https://t.co/IGlQtLQeNs
— manoj bajpayee (@BajpayeeManoj) February 6, 2026
एक्टर ने आगे कहा कि, “एक अभिनेता के रूप में, मैं किसी फिल्म में अपने द्वारा निभाए जा रहे किरदार और कहानी के माध्यम से ही प्रवेश करता हूं. मेरे लिए, यह एक दोषपूर्ण और उसकी आत्म-साक्षात्कार की यात्रा को चित्रित करने के बारे में था. इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय के बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं था.”
मनोज बाजपेयी ने डायरेक्टर का किया समर्थन
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे के समर्थन में बयान देते हुए कहा, “नीरज पांडे के साथ काम करने के अपने अनुभव में, मैंने देखा है कि वे अपनी फिल्मों के प्रति हमेशा गंभीरता और सावधानी बरतते हैं. जनता की भावनाओं को देखते हुए फिल्म निर्माताओं ने प्रचार सामग्री को हटाने का निर्णय लिया है. यह इस बात को दर्शाता है कि चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है.”
वेब सीरीज प्रचार पर रोक लगाई गई
फिल्म घूसखोर पंडत के डायरेक्टर नीरज पांडे ने भी अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और ‘पंडित’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक काल्पनिक किरदार के लिए बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है. यह कहानी किसी व्यक्ति के कर्मों और उसके फैसलों पर केंद्रित है और इसका उद्देश्य किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी करना या उनका प्रतिनिधित्व करना नहीं है. एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपने काम को गहरी जिम्मेदारी के साथ करता हूं- ऐसी कहानियां कहने के लिए जो संवेदनशील और सम्मानजनक हों. यह फिल्म, मेरे पहले के कामों की तरह, ईमानदार इरादे से और केवल दर्शकों के मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई है.”
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लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंची जानता हूं- डायरेक्टर
डायरेक्टर नीरज पांडे ने कहा कि हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है और हम उन भावनाओं को पूरी ईमानदारी से स्वीकार करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि “इन चिंताओं को देखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखा जाना चाहिए और उस कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए जिसे हम कहना चाहते हैं, न कि अधूरी झलकियों के आधार पर परखा जाए. हम जल्द ही दर्शकों के साथ इस फिल्म को साझा करने के लिए उत्सुक हैं.”
-भारत एक्सप्रेस
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