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क्या बीएसएफ ने त्रिपुरा बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक बांग्लादेशी को मार गिराया? जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि बीएसएफ ने त्रिपुरा सीमा पर एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को मार गिराया है, जिसके सबूत के तौर पर 8 सेकंड का एक वीडियो शेयर हो रहा है. लेकिन इस वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है.

Fact Check Did BSF Kill Bangladesh Infiltrator At Tripura Border Viral Video

सोशल मीडिया पर इन दिनों दावों और अफवाहों का बाजार काफी गर्म रहता है. ऐसा ही एक भ्रामक दावा इस समय इंटरनेट पर तेजी से पैर पसार रहा है. दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर महज 8 सेकंड का एक वीडियो क्लिप खूब शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में जमीन पर एक शख्स का शव पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. वीडियो को शेयर करने वाले यूजर्स दावा कर रहे हैं कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने त्रिपुरा बॉर्डर पर अवैध तरीके से भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को मार गिराया है. लेकिन वायरल हो रहे इस वीडियो और इसके साथ किए जा रहे दावे कि असल सच्चआई कुछ और ही है. आइए जानते है.

त्रिपुरा बॉर्डर नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर का है वीडियो

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को निकालकर जब इंटरनेट पर रिवर्स इमेज सर्च किया गया, तो कड़वा सच सामने आ गया. असल में यह वीडियो किसी बांग्लादेशी घुसपैठिये का नहीं, बल्कि पिछले साल यानी 2 अगस्त 2025 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों के हाथों ढेर हुए एक स्थानीय आतंकवादी का है.

Fact Check Did BSF Kill Bangladesh Infiltrator At Tripura Border Viral Video

साथ ही कई प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 अगस्त 2025 को कुलगाम के अखल जंगल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक भीषण एनकाउंटर हुआ था. इस मुठभेड़ में सेना ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. वीडियो में जिस शख्स का शव दिख रहा है, उसकी पहचान पुलवामा के रहने वाले हिज्बुल आतंकी हारिस नजीर डार के रूप में हुई थी.

खुफिया एजेंसी की लिस्ट में शामिल था आतंकी हारिस

जांच में पता चला कि मारा गया आतंकी हारिस नजीर डार उन 14 मोस्ट वांटेड स्थानीय आतंकियों की सूची में शामिल था, जिसे खुफिया एजेंसियों ने पहलगाम हमले के बाद जारी किया था. एनकाउंटर के बाद उसके शव के पास से सेना को एक एके-47 (AK-47) राइफल, भारी मात्रा में कारतूस, मैगजीन और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे.

इस जांच से ये साफ हो जाता है कि सोशल मीडिया पर त्रिपुरा बॉर्डर और बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर फैलाया जा रहा वीडियो पूरी तरह फर्जी है. पिछले साल कश्मीर में मारे गए एक आतंकवादी के पुराने वीडियो को गलत और भ्रामक संदर्भ के साथ देश में सांप्रदायिक माहौल या भ्रम पैदा करने के लिए शेयर किया जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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