नेपाल में 26 अगस्त को आए भीषण बाढ़ आने के कारण पूरे देश का जीवन अस्त वयस्त हो रखा है. इस भयानक बाढ़ के तमाम वीडियोज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है. इन्हीं में से एक वीडियो में सड़क पर तेज रफ्तार से कीचड़ और पानी का सैलाब आता दिखता है, जो गाड़ियों और मलबे को तिनके की तरह बहा ले जाता है. इस दौरान तीन लोग बाल-बाल बचते नजर आते हैं.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह खौफनाक मंजर नेपाल में आई हालिया बाढ़ का है.
क्या है वायरल दावा?
एक्स पर एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि यह नेपाल के फ्लैश फ्लड का ताजा दृश्य है. पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया, ‘जिंदगी और मौत के बीच का एक पल! बाल-बाल सिर कुचलने से बचा, शुक्र है कि मैं सुरक्षित हूं.’

नेपाल त्रासदी से जोड़कर शेयर किए जाने के कारण लोग इस वीडियो को सच मानकर धड़ाधड़ री-ट्वीट और शेयर करने लगे.
क्या है असल कहानी?
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया, इसका सच पता चला. यह वीडियो नेपाल की बाढ़ का नहीं, बल्कि जुलाई 2026 का है, जब केरल के वायनाड में भीषण भूस्खलन हुआ था.
एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल ने 7 जुलाई 2026 को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस वीडियो को पोस्ट किया था. रिपोर्ट के अनुसार, केरल के अनाक्कमपोयिल-कल्लाडी टनल प्रोजेक्ट साइट के पास भारी बारिश के बाद यह बड़ा लैंडस्लाइड हुआ था.
वहीं कुछ अन्य न्यूज संस्थाओं ने इस हादसे में 5 लोगों की मौत, 4 लोगों के लापता और 10 लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी. रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिख रहा टैंकर करीब 200 फीट नीचे फिसल गया था और सड़क पर खड़े लोगों से महज कुछ दूरी पर जाकर रुका था.
इस जांच से यह बात साफ है कि जुलाई 2026 में केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन के पुराने वीडियो को फर्जी दावे के साथ नेपाल की हालिया बाढ़ से जोड़कर वायरल किया जा रहा है. इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर एक खबर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से पहले एक बार उसके असल होने पर चिंतन जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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