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क्या भारत में ट्रेन पर पत्थर फेंक रहे हैं ये बच्चे? जानें ‘अंदरूनी खतरे’ जैसे दावे के साथ वायरल हो रहे वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर इन दिनों ट्रेन के साथ छेड़छाड़ और पत्थरबाजी करते बच्चों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को भारत के आंतरिक खतरे और एक खास समुदाय से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

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सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक वीडियो ने काफी हलचल मचा रखी है. इस वीडियो में कुछ बच्चे एक ट्रेन के साथ छेड़छाड़ करते, उस पर चढ़ते-उतरते और एक बच्चा ट्रेन पर पत्थर मारते हुए दिखाई दे रहा है. इस वीडियो को एक खास सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि यह घटना भारत की है. इसे वीडियो को लोग “अंदरूनी खतरे” और “मजहबी सोच” जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ शेयर कर रहे हैं. लेकिन क्या वाकई यह वीडियो भारत का है? आइए जानते है.

क्या है वायरल पोस्ट?

दरअसल अस वीडियो को एक फेसबुक पेज ने शेयर किया है. वीडियो के साथ कैप्शन में ये भी लिखा गया कि खतरा पाकिस्तानी सेना से नहीं है, खतरा है भारत में बैठे मजहबी विचारों से है.

बता दें कि इस वीडियो को 14 जनवरी को इस पेज से फेसबुक पर अपलोड किया गया था. अब ये पोस्ट वायरल हो रहा है.

जांच में सच आया सामने

दावे को देखते हुए हमने इसकी जांच शुरू की, जिसमें सबसे पहले हमने वीडियो को ध्यान से देखा. इसमें हमें ट्रेन की बॉडी पर ‘BR’ लिखा नजर आया और साथ ही कुछ बांग्ला शब्द भी दिखाई दिए. यहीं से शक की सुई भारत से हटकर हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश की तरफ मुड़ गई.

जांच को आगे बढ़ाते हुए जब इंटरनेट पर मौजूद ‘बांग्लादेश रेलवे’ (BR) की तस्वीरों से इसका मिलान किया गया, तो सब कुछ साफ हो गया. गेट्टी इमेजेज और बांग्लादेशी रेलवे की आधिकारिक तस्वीरों में दिखने वाली ट्रेनें और वायरल वीडियो वाली ट्रेन बिल्कुल एक जैसी थीं.

इस वीडियो का असली सोर्स खोजते हुए एक फेसबुक अकाउंट मिला, जो बांग्लादेश से ही चलाया जाता है. इस अकाउंट पर यही वीडियो 28 दिसंबर 2025 को अपलोड किया गया था. इससे तो ये साफ हो गया कि यह वीडियो न तो नया है और न ही इसका भारत से कोई लेना-देना है.

बता दें कि 14 जनवरी को जिस पेज ने इस वीडियो को डाला था, उस पेज पर अक्सर एक खास विचारधारा से प्रेरित और भड़काऊ पोस्ट डाले जाते हैं. 500 से ज्यादा फॉलोअर्स वाले इस पेज ने बिना किसी जांच-पड़ताल के इसे भारतीय संदर्भ में पेश कर दिया, ताकि समाज में गलतफहमी पैदा की जा सके.

इस जांच से ये साफ हो जाता है कि वायरल वीडियो से किया जा रहा दावा झूठा है, जिसे भ्रामक रूप से फैलाया जा रहा है. इसलिए किसी भी वीडियो या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी जांच करें, बिना पुष्टि के कोई भी वीडियो या पोस्ट शेयर करने से बचें.

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-भारत एक्सप्रेस



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